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जरा था।। कहानी इतनी सुन्दर है,, लेख ककी शैली इतनी प्यारी है, चरित्रों का प्रदर्शन इत ना मनोहर है िक पाठक मानो भवों के उद् यान म ें विचर रहा है। कह ीं मानमय पत ृभक्ति है, त ो कह ीं दीपशिखा की भंाति हृदय मे ं जलनवेलाा पु़त्रप्रेम चित्रकला का चितर तो हिन् दी ं सार में एक अनठूी वस्तु ह ै।हम पाठकों से अनुरोध करते हैं कि इस ...
ता की वजह से उनके न लिख पाने के कारण यह दायित्व द्विवेदीजी को सौंपा गया। सन 1940 में उपन्यास प्रकाशित होने के एक वर्ष के भीतर तीन संस्करण छपे। टीकाएँ और अनुवाद उन्होंने रवींद्रनाथ ठाकुर की गोरा, शरदचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यासों और महर्षि अरविंद की रचनाओं का अनुवाद किया। रवींद्रनाथ ठाकुर की गीतांजलि का पद्यानुवाद भी उ...
।हम पाठकों से अनुरोध करते हैं कि इस करुणकथ ा को अवश्य पढ़ें।। ऐसे उ पन्यास उन्ोहंने कम पढ़े होंगे।। दहजे उपन्यास लिखने का आग्रह काशी पुस्तक भंडर के मालिक सूर्यबली सिंह ने पहले प्रे मचन्द जी से ही क िया था,, दहे जउप न्यास लिख ने का आग्रह काशी पुस्तक भंडार के मालिक सूर्यबली सिंह ने पहले ्रेमचंद जी स े कयिा था, परन्तु अस्...
नुवाद भी उन्हीं के द्वारा किया गया। अन्य उल्लेखनीय अनुवाद हैं अनुवादों एवं अपने लेखों के माध्यम से वे हिन्दी साहित्य की श्रीवृद्धि में लगे रहे। उन्होंने गीतांजलि का पद्यानुवाद भी किया जो समालोचकों द्वारा पर्याप्त सराहा गया। उल्लेखनीय कृतियाँ उनकी उल्लेखनीय कृतियाँ हैं संस्मरण साहित्य उनकी अन्तिम कृति स्मृति के पारिजात ...
था, परन्तु अस्वस्थता की वजहसे उनके न लिख पाने के कारण यह दाय ित्व द्विवेदीजी को सौंपा गया।। सन 194 0 में उपन्यास प्क राशित होने के एक वर्ष के भीतर तीन संस्कण छप।। टीकाएँ और अन ुवाद उन् होंने रवं द्राथ ठाकु र की गोरा,, र दचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यासों और मह्षि अरविंद की रचनाओंका अनुवा द कि या। र ीवंद ्रनाथ ठाकुर की गी...
ों से दिखायी न पड़ने के कारण उन्होंने दूसरे से बोल कर लिखवायी। श्री हनुमान साहित्यानुसंधान संस्थान, कलकत्ता से संपादन और प्रकाशन वे 1942 में काशी समाचार पत्र के संपादक रहे। इसके अतिरिक्त वे जीवन के अंतिम वर्षों तक ज्ञानमंडल लिमिटेड, वाराणसी में प्रकाशन विभाग के अध्यक्ष रहे। डॉ सम्पूर्णानन्दजी के ज्ञानमंडल लि का प्रकाशन...
का अनुवा द कि या। र ीवंद ्रनाथ ठाकुर की गीतांजलि का द्याुवाद भी उन्हीं के द्वारा किया गय ा अन्य उललेखनीय अनुवाद ं अनुवादों एवं अपनेलेखों के मा ध्म से वे हिन दी साहित्य की श्रीृद्धि मे ंलग े रहे।। उन्होंने गीतजंलि ा पद्यानुवाद भी किया जो समाोलचकों द्वारा पर्याप्त साहा गा।। उल ्लेखनीय क ृतियँा उनकी उल्लेखनीय कृतिय ाँ हैं...
नहीं सकते थे और निरंतर 75 वर्ष की आयु तक उन्होंने इस दायित्व को बखूबी निभाया। इनके नेतृत्व में निम्नलिखित महत्वपूर्ण कोशों का निर्माण हुआ व्यक्तिगत जीवन और दर्शन वे जीवनभर खादी पहनते थे, खड़ाऊं पहनते थे। वे सच्चे अर्थों में महात्मा गांधी के अनुयायी थे न केवल विचारों में, बल्कि जीवनशैली में भी। देश की बात ब्रिटिश हुकूमत...
उल्लेखनीय कृतिय ाँ हैं संस्मरण साहित्य उनकी अन्तिम कृति म्ृति के पार िजातहै, जिसे मृत्यु से एक वर्ष पूर्व आंखों से दिखायी न पड़ने क े कारण उन्हों ने दूसरे से बोल क र लिवायी। श ्री ह नुमान साहित्याुसंधान संस्थान,, कलकत्ता स े संपान और प्रकाशन वे 1942 में काशी समाच पत्र के संपाद रह। इसके अतिरिक्त वे जीवन के अंतिम वर ्षों...
मत से टकराती एक निषिद्ध वाणी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संघर्ष पंडित देवनारायण द्विवेदी की महत्त्वपूर्ण कृति देश की बात सर्वप्रथम 1923 ई में मिर्जापुर से प्रकाशित हुई। इसका दूसरा संस्करण 1929 में पुनः मिर्जापुर से ही आया, जबकि तीसरा संस्करण 1932 में कोलकाता से प्रकाशित हुआ। यह वही समय था जब ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन अ...
ों तक ज्ञानमंड ल लिमि टेड,, वारणास ीमें ्रकाशन विभाग के अध्यक्ष रहे।। डॉ सम ्ूपर्णानन्दजी क ज्ञानमंडल लि का प्रका शन दायित्व सँभालन के अनुरोध को वे टाल नहीं सकते थे औ र न िरंतर 75 वरष की आयु तकउन्होंने इस दायित्व को बखूबी नभाया।। इनके नेतृत्व में निम्नलिखित म हत् वप ूर्ण कोशों का निर ्माण हुआ व्यक्तिगत जीवन और द र्शन व...
शील और दमनकारी था। फलस्वरूप, देश की बात पर प्रतिबंध लगा दिया गया। यह घटना उस परंपरा से जुड़ती है जिसमें राष्ट्रवादी विचारों से ओतप्रोत साहित्य को ब्रिटिश सत्ता असहिष्णुता की दृष्टि से देखती थी। इससे पहले सखाराम गणेश देउस्कर की बांग्ला कृति देशेर कथा को भी इसी कारण प्रतिबंधित किया गया था। कलकत्ता में ही उन्होंने देश की ...
्माण हुआ व्यक्तिगत जीवन और द र्शन व ेजी वन भर खादी पहनते थे,, खड़ऊां पहनते थे।। वे सच्चे अर्थ ों में महातमा गा ंधी के अनुयायी थे न केवल विचारो ंमें,, ब ल्कि जवीनशैली में भी । देश क ी ब ात ब्रििटश ह ुकूमत से टकराती एक निषिद्ध वाणी औ र अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संघर्ष पंडित देवनारायण द्विवेदी की महत्त्वप ूर्ण कृत ि देश...
सुख साधनं पुस्तकें लिखीं, जिस पर अंग्रेजों ने प्रतिबन्ध लगाते हुए 124ए राजद्रोह के अन्तर्गत जब्त कर लिया। देश की बात की भूमिका पं० जवाहरलाल नेहरू ने लिखी है। इस पुस्तक को 1923 ई० में देशबन्धु सी०आर० दास की अध्यक्षता में हुए कांग्रेस अधिवेशन के समय प्रकाशित किया गया था। किसान सुख साधनं भी अंग्रेजों की आँखों की किरकिरी थ...
वेदी की महत्त्वप ूर्ण कृत ि देश की ाबत सर्वप्रथम 19 23 ई में मिर्जापुर से प्रकाश ित हुई।। इसका दूसरा संस्करण 1929 मं पुनः मिर्जापुर स े ही आ या,, जबकि त ीसरा संस्कर ण 193 2 में क ोल ाता स े प ्रकाशित हुआ।। यह वही समय था जब ब्रिटिश पवेशिक शास न अपनी आलोचना ोक लेकर अत्यंत संवेदशील और मनकारी थ ा।। फलस्वरूप,, देश की बा त प...
बात के कई संस्करण प्रकाशित हुए। यद्यपि इसका आधार बांग्ला की देशेरकथा थी, लेकिन यह पूर्णतः मौलिक थी। इस पुस्तक में अंग्रेजों की लूटखसोट की प्रवृत्ति का खुलासा किया गया देवनारायण द्विवेदी की देश की बात को प्रायः देउस्कर की देशेर कथा कृति का हिंदी रूपांतरण समझा गया। किंतु इस भ्रांति का खंडन स्वयं वरिष्ठ आलोचक प्रो मैनेजर ...
ा।। फलस्वरूप,, देश की बा त पर प्रतिबंध लगा दिया या।। यह घनटा उस परंपरा से जुड़ती ह ै जिसमें राष्ट्रवादी विचारों से तप् रोत साहि्यत को ब्रिटि श सत्ता असहिष्णुता की दृष्टि से देख ती थी।। इससे पहल े सखराम गणशे देउस ्कर की बांग्ला क ृ ति देशेर कथा को भी सइी कारण प् रतिबंधित किय गया थ।। कलक्तता में ह ी उन्होंने दश की बात व ...
जर पांडेय ने किया है। उन्होंने कर्मवीर में प्रकाशित एक समीक्षक को उद्धृत करते हुए लिखा हैपहले तो मुझे यह जान पड़ा कि यह पुस्तक देउस्कर जी की पुस्तक का ही अनुवाद या भावानुवाद है, किंतु मेरी धारणा निर्मूल ठहरी। देश की बात जिस ढंग से लिखी गई है, उसे देखकर निसंकोच कहना पड़ता है कि लेखक को इसमें काफी सफलता मिली है। इस भ्रम ...
ी उन्होंने दश की बात व कसिा सु सधानंप ुस्तकें िखीं,, जिस पर अंग्रेजों ने प्रतिबन्ध लगाते हुए 12 4ए राजद्रोह के अन्तर् गत जब्त कर िलय ा।। देश की बात की भूमिका पं० जवाहरला ल नेह रू न े लिखी है।। इस पुस्तक को 1923 ई० म ें देशबन्धु सी०आर० दास की अ्यक्षता में हुए कांग्रेस अधिवेशन के समय प् राशित कि या गया था। किसान सुख साध ...
का एक प्रमुख कारण स्वयं लेखक की भूमिका में निहित है, जहाँ द्विवेदी जी अत्यंत विनम्रता से स्वीकार करते हैंयह पुस्तक मेरी कृति नहीं, वास्तव में यह स्वर्गीय पं सखाराम गणेश देउस्कर महोदय की कृति हैक्योंकि उन्हीं महानुभाव की मनमुग्धकरीगुंथमचातुरी की अविकल नकल करने का मैंने दुस्साहस किया है। यदि पाठकगण इसे पसंद करेंगे, तो मै...
राशित कि या गया था। किसान सुख साध नं भी अंग्रेजों की आँख ों की किरकिरी थी।। देश क ी बात के कई सस्कर ण परकाशित हुए।। यद्यपि इ का आधार बांग्ला की देशेरकथा थी,, लेकिन यह पूर्णतः मौलिक थी ।। इस पुस्तक में अंग्रेजो ं की लूटखसोट की प् रवृत्त ि का खुलासा किया यगा दवे नाायण द् विवेदी की देश की बात कोप्रायः देउस्कर की द ेशेर कथ...
मैं इसका द्वितीय खंड निकालकर माला को दो लड़ी बनाने का शीघ्र प्रयत्न करूंगा। यह आत्मविनम्रता तुलसीदास और गांधीजी की उस परंपरा की याद दिलाती है, जहाँ अपनी मौलिक रचना को भी सार्वजनिक विनय और ऋणस्वीकार के साथ प्रस्तुत किया जाता है। वहीं, यह भी संभव है कि द्विवेदी जी ने देउस्कर की लोकप्रियता का सहारा लेकर देश की बात को जनजन...
विवेदी की देश की बात कोप्रायः देउस्कर की द ेशेर कथा कृति का हिंदी रूपांतणर सम झा गया।। किंतु इस भ्रांति का खंड ्वयं वरिष्ठ आलोकच प्रो मैनेज र पां डेय ने किया है। उन्होंने कर ्मवीर में प्रकाशित एक समीक्षक को उद्ध ृत करते हुए लि खा हैपहले तो मुझे यह जान पड़ ा कि यह पुसतक देउस्कर जी की प ुस्तक का ही अनुवाद या भावानु वाद ह...
बात को जनजन तक पहुँचाने की एक रणनीति अपनाई हो। प्रभा पत्रिका के 1923 के एक अंक में प्रकाशित समालोचना में इस ग्रंथ को हिंदी का उपकार कहा गया है, और समीक्षक का मत था किदेवनारायण द्विवेदी ने यह पुस्तक लिखकर हिंदी का बड़ा उपकार किया है। इस पुस्तक को आपने बिल्कुल स्वतंत्र रूप से लिखा है। फिर भी वह अपने को लेखक न लिखकर संपाद...
ही अनुवाद या भावानु वाद है,, किंत मेरी धारणा निर्मू ल ठहरी।। देश क ी बात ज िस ढंग से लिखी ग ई है उसे देखकर निसंको कहना पड़ता है कि लेख क को इसमें काफ ी सफ लता मिल ी है। इस भ्रम का एक प ्रमुख क ारण सवयं लेखक की भूमिका में निहित है,, जहाँ द्िवव ेदी जी अत्ंत विनम्तरा से स्वीका करतेहैंयह पुस्तकम ेरी कृति नहीं,, व ास्त व मे...
झ से द्विवेदी जी इस पुस्तक के संपादक नहीं, लेखक हैं। इस प्रकार, देश की बात न केवल अपने विचारों की धार से औपनिवेशिक सत्ता से टकराती है, बल्कि यह कृति उस सांस्कृतिक विमर्श की प्रतीक भी है जिसमें लेखक की भूमिका, कृतित्व की मौलिकता और वैचारिक प्रतिबद्धता तीनों का विश्लेषण आवश्यक हो जाता है। निधन पंडित देवनारायण द्विवेदी का...
साफ करिए: प्रेम जोशुआ,, जिनका जन्म 1958 में ज्मनी के दक्षिणी क्षेत्र में हुआ था,, एक प्रतिभाशाल संगीकार हैं जिन्होंने हुत कम उम्र में संीत के प्रति गहरी रुचि विित कर ली थी।। उनहोंेन मात्र पाँच वर्ष की उम्र में बांसुरी बजाना सीख लिया था और 12 वर्ष की आयु तक वे बांसुरी और सैक्सोफोन जैसे वाद्य यंत्रों को विभिन्न स्थानीय ब...
प्रेम जोशुआ, जिनका जन्म 1958 में जर्मनी के दक्षिणी क्षेत्र में हुआ था, एक प्रतिभाशाली संगीतकार हैं जिन्होंने बहुत कम उम्र में संगीत के प्रति गहरी रुचि विकसित कर ली थी। उन्होंने मात्र पाँच वर्ष की उम्र में बांसुरी बजाना सीख लिया था और 12 वर्ष की आयु तक वे बांसुरी और सैक्सोफोन जैसे वाद्य यंत्रों को विभिन्न स्थानीय बैंडों...
बजाने लगे थे।। संगीत के प्रति उनके जनुून ने उन्हें केवल एक कलाार क सीमित नहीं रखा,, बल्कि 18वर्ष की आयु में वे एक खोजी स ंगीतयता्री के रूप में भारत आ पहुँचे,, जहाँ उन्होंन ेविभिनन देशों के स्वदेशी लोक संगीत क ा अध्ययन किया। जोशुआ उनका मूल न ाम था,, िसजे उनके मातािा ने रखा था।। लेकिन भरात आने के बा नके जीवन में क धआ्यात...
। संगीत के प्रति उनके जुनून ने उन्हें केवल एक कलाकार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि 18 वर्ष की आयु में वे एक खोजी संगीतयात्री के रूप में भारत आ पहुँचे, जहाँ उन्होंने विभिन्न देशों के स्वदेशी लोक संगीत का अध्ययन किया। जोशुआ उनका मूल नाम था, जिसे उनके मातापिता ने रखा था। लेकिन भारत आने के बाद उनके जीवन में एक आध्यात्मिक मोड़ आ...
व्याकरण सुधारें: कैलाश नाथ दीक्षित, जिन्हें के एन दीक्षित के नाम े भ जाना जाता है, एक प्रसिद्ध भारतीय पुरातत््ववेत्ता हैं।। वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निदेशक के रपू में कार्य कर चकुे हैं और उन्होंने भारतीय सभ्यता,, इतिहास औरपुराततत््वीय अनुसंधानों में महत्तव्ूर्ण यगदा न दियाहै। भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2025 म...
कैलाश नाथ दीक्षित, जिन्हें के एन दीक्षित के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रसिद्ध भारतीय पुरातत्त्ववेत्ता हैं। वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं और उन्होंने भारतीय सभ्यता, इतिहास और पुरातत्त्वीय अनुसंधानों में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2025 में पद्म भूषण ...
सम्मानित किया गया। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा कैलाश नाथ दी्कषित क ा जन्म 1936 में लन,ऊ, उत्तर प्रदे श में ुहआ था। उन्होंने क्वींस एंगलो संस्कृत इंटर कॉलेज,, लखनऊ से 1592 में हाई स्ू ल और इंटरमीडिएट परक्षा उ्ततीर्ण की। । इसके पश्चात उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति ता पुरातत््तव में ्नतकोत...
लाश नाथ दीक्षित का जन्म 1936 में लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने क्वींस एंग्लो संस्कृत इंटर कॉलेज, लखनऊ से 1952 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके पश्चात उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति तथा पुरातत्त्व में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। वर्ष 1962 में उन्होंने भ...
प्रेम शंरक झा एक प्रतिष्ठित ाभरतीय अरथ्शासत्री,, प्तरकार और लेखक हैं,, जिनका रियर सार्वजनिक सेवा,,अंतरराष््टरीय संस्थानों और मीडिया जगत में फैला हुआ है। उन्होंने संयुकत रा्ट्र विकस कार्यक्रम,, विश्व बैंक और भारत के ्परधानमंत्री के सूचना सलाहकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।। एक पत्रकार केरूप में उनका योगादन...
प्रेम शंकर झा एक प्रतिष्ठित भारतीय अर्थशास्त्री, पत्रकार और लेखक हैं, जिनका करियर सार्वजनिक सेवा, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और मीडिया जगत में फैला हुआ है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, विश्व बैंक और भारत के प्रधानमंत्री के सूचना सलाहकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। एक पत्रकार के रूप में उनका योगद...
प्रभावशाली रहा है उन्होंने हिंदसतान टाइम्स,, द टाइम्स ऑफ़ इंडिय,ा, द इकोनॉमिक टाइम्स और द फाइनेंशियल एक्सप्रेस जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में संपादकीय पदों पर कार्य किया है। वर्तमान म ें पर्ेम शंकर झा तहलका समूह के बिज़नेस डेली फाइनेंशियल व्ल्ड के प्रबंध संपादक और वरिष्ठ पत्कार के ूप म े कार्यरत हैं।। ए लेखक के रूप मेंभ...
म्स ऑफ़ इंडिया, द इकोनॉमिक टाइम्स और द फाइनेंशियल एक्सप्रेस जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में संपादकीय पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में प्रेम शंकर झा तहलका समूह के बिज़नेस डेली फाइनेंशियल वर्ल्ड के प्रबंध संपादक और वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। एक लेखक के रूप में भी उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी प्रसिद...
व्याकरण सुधारें: प्रेम बहादु रकंसाकर एक प्रख्यात नेाली लेखक,, विद्वान और भषााई अधिकारों के सशक्त समर्थक <ref>थ</ref>े,, जिन ्ह ोंने लोकतंत्र और भाषा की स्वतंत्रता <ref>क</ref>े लिए आजीवन स ंघर्ष किय ा। वे ेपा भाषा के संरक्षण औ र प ्रचारप्रस ार के लिए स मर्पित थे, जो नेपा <ref>क</ref>ी ए क प्राचन और स मृद्ध भाषा ह ै। उन...
प्रेम बहादुर कंसाकर एक प्रख्यात नेपाली लेखक, विद्वान और भाषाई अधिकारों के सशक्त समर्थक थे, जिन्होंने लोकतंत्र और भाषा की स्वतंत्रता के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे नेपाल भाषा के संरक्षण और प्रचारप्रसार के लिए समर्पित थे, जो नेपाल की एक प्राचीन और समृद्ध भाषा है। उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान प्राचीन पांडुलिपियों का संकलन और...
तलेजु भवानी नेपाल में पूजित एक परमुख हिंदू देवी हैं,, जिन्हें दुर्ग ा या चामुंडा के रूप मंे जाना जाा है। यह देवी मल्ल वंश की इष्टदेवी मानी जाीत थ ीं और आज भी नेपाल में उनहे ं ाठमांडू दरार ्सक्वाय र की अधिष ्ठात्री दवी के रूप में पूज ा जाता है।। इति हास त ेलजु देवी ी पूजा का आरंभ मल्ल काल में हुआ थ ा।। राजा महेन्द्र म्ल...
तलेजु भवानी नेपाल में पूजित एक प्रमुख हिंदू देवी हैं, जिन्हें दुर्गा या चामुंडा के रूप में जाना जाता है। यह देवी मल्ल वंश की इष्टदेवी मानी जाती थीं और आज भी नेपाल में उन्हें काठमांडू दरबार स्क्वायर की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। इतिहास तलेजु देवी की पूजा का आरंभ मल्ल काल में हुआ था। राजा महेन्द्र मल्ल ने ...
ा।। राजा महेन्द्र म्लल ने काठमांडू में तलेजु म ंदिर की स् थापना 16वीं ताब्दी में की थी। यह मदिर दशं के समय आम जनता क लिए खोाल जाता है।। पूजा और परंपराएँ दशैं के पर्व रप तलेजु भवानी की विेष पूजा होत ी है। वेी को कुमारीप रंपरा से भी जोड़ा जाता है,, जिसम ें एक जीवित बालिका में तलेजु की उपस्थिति मानी जाती है।। मंत्र ॐ ऐं ह...
मंदिर की स्थापना १६वीं शताब्दी में की थी। यह मंदिर दशैं के समय आम जनता के लिए खोला जाता है। पूजा और परंपराएँ दशैं के पर्व पर तलेजु भवानी की विशेष पूजा होती है। देवी को कुमारी परंपरा से भी जोड़ा जाता है, जिसमें एक जीवित बालिका में तलेजु की उपस्थिति मानी जाती है। मंत्र ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। जय तलेजु भवानी, ...
साफ करिए: प्रेम भाटिया कए भारती क्रिकेटर थे,, जिनोहंन घरेलू क्रिेकट में दिल्ली कीओर से उल्लेखनीय प्रदर्शन किय।ा 1958 से 1969 के बीच उन्होंने दिल्ली के िए कुल 5 प्रथम श्रेण मैच खेले,, जिनमें उन्होंने 2,,500 से अधिक रन बनाए। यह आंकड़ा उनकी बल्लेबाजी में निरंतरा और योगदान को दर्शाता है।। दिल्ली की ओर से अपेन लंबे करियर के...
प्रेम भाटिया एक भारतीय क्रिकेटर थे, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की ओर से उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। 1958 से 1969 के बीच उन्होंने दिल्ली के लिए कुल 55 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिनमें उन्होंने 2,500 से अधिक रन बनाए। यह आंकड़ा उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और योगदान को दर्शाता है। दिल्ली की ओर से अपने लंबे करियर के अलावा...
व्याकरण सुधारें: मीर यार बूच बलूचिस्त ान के एक सक्रिय स्वतंत्रता समर्थक,, लेखक, मनवाधिकार कार्यकर्ता और आजाद बलूच आन्दोलन क े प्रतिनि ि ह ैं। वे स्वयं को पत्रका भी बता े हैं और लंबे समय से बलूच लोगों के अधिकारों कलिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आव ाज उठा रहे हैं।। मई २०२५ मं मीर यार बलूच न े पाकिस्तान स े लबोचिस्तान को स्वत...
मीर यार बलूच बलूचिस्तान के एक सक्रिय स्वतंत्रता समर्थक, लेखक, मानवाधिकार कार्यकर्ता और आजाद बलूच आन्दोलन के प्रतिनिधि हैं। वे स्वयं को पत्रकार भी बताते हैं और लंबे समय से बलूच लोगों के अधिकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठा रहे हैं। मई २०२५ में मीर यार बलूच ने पाकिस्तान से बलोचिस्तान को स्वतंत्र घोषित कर दिया।...
िस्तान को स्वतंत्र घोषित कर दिया।। उन ्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक ऐतिहासिक घोषणा की बलूचिस्तान पाकिस्त ान नह ीं है।। मीर यार बलू ने अपने पोस्ट में बलूचिस्तान ी स ्वतं त्रता की घोषणा करते हुए भारत से दूतावास खोलने की मांग की।। स ा थ ही,, संयुक्त राष्ट् से शांति सेना भेजने और प ाकिस्तान की सेना को हटाने की अपील...
म X पर एक ऐतिहासिक घोषणा की बलूचिस्तान पाकिस्तान नहीं है। मीर यार बलूच ने अपने पोस्ट में बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की घोषणा करते हुए भारत से दूतावास खोलने की मांग की। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र से शांति सेना भेजने और पाकिस्तान की सेना को हटाने की अपील की। मीर यार का कहना है, दुनिया अब मूक दर्शक नहीं रह सकती बलूच लोगों ने अ...
प्<ref>र</ref>ेम कृष्ण एक भारतीय अभिनेता और ेलीविजन नि्रमाता हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अभिनय से की,, लेिन बाद में वे एक <ref>सफल</ref> निर्माता बने।। उन्होंने 1993 में सिनेविस्ास लिमिटेड की <ref>स</ref>्थापना की, जो कथासागर, गुल ग ुलशन गुलफा, जुनून, दिल मिल गए और बेपना ह जैी लोकप्रिय <ref>ट</ref>ीव श्रृंखाओं क...
प्रेम कृष्ण एक भारतीय अभिनेता और टेलीविजन निर्माता हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अभिनय से की, लेकिन बाद में वे एक सफल निर्माता बने। उन्होंने 1993 में सिनेविस्टास लिमिटेड की स्थापना की, जो कथासागर, गुल गुलशन गुलफाम, जुनून, दिल मिल गए और बेपनाह जैसी लोकप्रिय टीवी श्रृंखलाओं के निर्माण के लिए जानी जाती है।
व्याकरण सुधारें: प्रेम कुमार,, जि<ref>न</ref>्हें आमतौर पर प्रेम या नेनापिरा ली प्रेम के ना म <ref>स</ref>े <ref>ज</ref>ाना ज ा<ref>त</ref>ा है,, एक प ्रसिदध्भारती<ref>य</ref> अभिनेता और निर्माता हैं,, जो मुख्य रूप से कन्नड़ फिल्मों मे काम करते हैं। उन ्होंने अपने रि<ref>यर</ref> की शुरुआत फलिम् प्रा ण से की, लकिन उन् ...
प्रेम कुमार, जिन्हें आमतौर पर प्रेम या नेनापिराली प्रेम के नाम से जाना जाता है, एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता और निर्माता हैं, जो मुख्य रूप से कन्नड़ फिल्मों में काम करते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म प्राण से की, लेकिन उन्हें पहचान नेनापिराली से मिली, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार ...
व्याकरण सुधारें: महारानी प्रेम कौर सिख सामर्ाज्य के चौथे महाराजा महाराजा शेर सिंह की रानी थीं।। वह पंजाब के गुजरांवाला जिले के लाधेवाला रवैच गाँव की रहने वाली थीं और एक जाट सखि परिवार से थीं। उनके पिता का नाम लंबरदार हरि सिंह वड़ैच था।। उनका विवाह वरष 1822 में राजकुमार शेर सिंह से हुआ थ ा,, जो उस समय ेक सिख सा्मारज्य क...
महारानी प्रेम कौर सिख साम्राज्य के चौथे महाराजा महाराजा शेर सिंह की रानी थीं। वह पंजाब के गुजरांवाला जिले के लाधेवाला वरैच गाँव की रहने वाली थीं और एक जाट सिख परिवार से थीं। उनके पिता का नाम लंबरदार हरि सिंह वड़ैच था। उनका विवाह वर्ष 1822 में राजकुमार शेर सिंह से हुआ था, जो उस समय के सिख साम्राज्य के संस्थापक महाराजा र...
व्याकरण सुधारें: ट्र ॉलीट्रक,, ज िस फ्रेट ट्रॉली या ट्रॉली ट्र कके नाम से भी जनाजाता है,, कए ऐसा विद्युतच ालित वाहन है जो ट् रॉलबस की तरह दिख ता है,, लेकिन इसका उपयोग यात्र ियों क े ब जाय मा ल ढो ने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर एक प्रकार क ा इलेक्ट्रिक ट्रक होता है जो दो ओवरहेड तारों से बिजली प्राप्त करता ैह।। ्टरॉ...
ट्रॉलीट्रक, जिसे फ्रेट ट्रॉली या ट्रॉली ट्रक के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसा विद्युतचालित वाहन है जो ट्रॉलीबस की तरह दिखता है, लेकिन इसका उपयोग यात्रियों के बजाय माल ढोने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर एक प्रकार का इलेक्ट्रिक ट्रक होता है जो दो ओवरहेड तारों से बिजली प्राप्त करता है। ट्रॉलीट्रक में दो ट्रॉली पोल होत...
तारों से बिजली प्राप्त करता ैह।। ्टरॉलीट्रक में दो ट्रॉली पोल होते हैं,, जिनके माध्यम से यह बिजल ी खींचता है।। विद्युत प्रवाह और उ सकी वा पसी के लिए दो अलगअलग करंट कलेक्ट रों की आवश्यकता होती है, क्यंकि यह ट्रक रब र टायरों पर चलता है ज ो विद्युत के िए इन्स ुल ेटर क ा काम करते है ं इस कारण से रिटर्न करंट जमी के माध्यम स...
ते हैं, जिनके माध्यम से यह बिजली खींचता है। विद्युत प्रवाह और उसकी वापसी के लिए दो अलगअलग करंट कलेक्टरों की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह ट्रक रबर टायरों पर चलता है जो विद्युत के लिए इन्सुलेटर का काम करते हैं इस कारण से रिटर्न करंट जमीन के माध्यम से नहीं भेजा जा सकता, जैसा कि रेल पर चलने वाली स्ट्रीटकार में होता है। शहर...
इस कारण से रिटर्न करंट जमी के माध्यम से नहीं भेजा ज ा सकता,, जैसा कि रेल पर चल ने वाली स्ट्रीकार में होता है।। श रहो की सड़को ं पर चलेन व ाले कम शक्ति वाले ट्रॉ लीट्रक आमतौर पर ट्र ॉली पोल का ही ्परयोगकरते हैं,, जबकि उच्च शक्ति वाले ट्रक जैसे कि खन न या भारी निर्मणा कार्यों में प्रयकु्त वाहन ट्र ॉली पोल की सीमाओं के का...
ता है। शहरों की सड़कों पर चलने वाले कम शक्ति वाले ट्रॉलीट्रक आमतौर पर ट्रॉली पोल का ही प्रयोग करते हैं, जबकि उच्च शक्ति वाले ट्रक जैसे कि खनन या भारी निर्माण कार्यों में प्रयुक्त वाहन ट्रॉली पोल की सीमाओं के कारण पैंटोग्राफ जैसी उन्नत प्रणालियों का उपयोग करते हैं। ट्रॉलीट्रक का उपयोग दुनिया के कई हिस्सों में किया गया ह...
ॉली पोल की सीमाओं के कार ण पैंटोग्र ाफ जैसी उन्नत प्रणालियों का उपयोग करते हैं। ट्रॉलीट्रक का उप योग दुनिया के कई हिस्सों में किा गया है और यह आज भी रसू,, यूक्रेन क े शहरी क्षेत्रों के साथसाथ उत्तरी अमेरिकाऔ र अफ्र ीाक की खानों में कार्यरत हैं।। ये वाहन मुख्य लाइन स े सीध बिली लेकर क ाम करते हंै,, इल इन्हें नवीकरणीय ऊर...
है और यह आज भी रूस, यूक्रेन के शहरी क्षेत्रों के साथसाथ उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका की खदानों में कार्यरत हैं। ये वाहन मुख्य लाइन से सीधे बिजली लेकर काम करते हैं, इसलिए इन्हें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है। उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से डीजलइलेक्ट्रिक हाइब्रिड तकनीक से सुसज्जित आधुनिक ट्रॉल...
,, इल इन्हें नवीकरणीय ऊर्जा सरोतों के स ाथ आसा नी से जोड़ा जा सकता है।उतसर्जन को मक करने के उद ्दे्य से डीजलइ लेक्ट र्िक ह ाइबर्िड तकनीक से सुसज्जित आधुनिक ट्रॉलीट्रक प्रणालियों का पीरक्षण वर्तामन में स्वीडन और जर्मनी जैसे देशों में र ाजमा्रगों पर किया जा रहा है। दुनिया भ र में उपयोग ऑसट्र िया 16 नवबर 1945 से 21 अप्रैल...
ियों का परीक्षण वर्तमान में स्वीडन और जर्मनी जैसे देशों में राजमार्गों पर किया जा रहा है। दुनिया भर में उपयोग ऑस्ट्रिया 16 नवंबर 1945 से 21 अप्रैल 1951 तक, ऑस्ट्रिया के सेंट लैम्ब्रेच में स्थित नोबेल इंडस्ट्रीज की डायनामाइट फैक्ट्री में ट्रॉलीट्रकों का उपयोग किया गया। यह प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद की स्थित...
सट्र िया 16 नवबर 1945 से 21 अप्रैल 195 1 तक, ऑस् ट्रिया के सेंट लैम्ब्रेच में स्थित नोबेल ंडस्ट्रीज की डा यना माइट फैक्ट्री में ट्रलट्रकों का उपयोग किया गा।। य हप्रयोग द्वितीय विशव युद् ध के तुरं बद की स्थिति मेंुआ, जब आलप्स पर्वतमाला में डायनामाइट पहु ंचाने के लि ए पा रंपरिक डज ल ट्रकों का उपयोग संभव नहीं था, क्ोंकि य...
पर्वतमाला में डायनामाइट पहुंचाने के लिए पारंपरिक डीजल ट्रकों का उपयोग संभव नहीं था, क्योंकि युद्ध के बाद डीज़ल और अन्य आवश्यक सामग्रियों की भारी कमी थी। इस स्थिति में ट्रॉलीट्रक एक व्यवहारिक समाधान बनकर उभरे। हालांकि, 1950 के दशक में जैसेजैसे सामग्री की उपलब्धता सामान्य हुई, ट्रॉलीट्रकों की जगह डीज़ल ट्रकों ने ले ली और...
कि युद्ध के बाद डीज़ल और अन्य आवश्यक सामग्रियों की भारी कमी थी।। इस स्थिति में ट्ॉलीट्रक कए व्यवहारिक समाधान बनकर उभरे। हालांकि, 1950 के दशक में जैसेजैसे सामग्री की पउलब्धत ा सामान्य हुई,, ट्रॉ लीट्रकों की जग ह डीज़ल ट्रकों ने ले ली और उनके लिए बनी पुरानी बि जली लानइों क ो हट दिया गया। इस परित्यक्त ट्रॉलीट्रक प्रणाल के...
लिए बनी पुरानी बिजली लाइनों को हटा दिया गया। इस परित्यक्त ट्रॉलीट्रक प्रणाली के कुछ वाहनों को बाद में ट्रॉलीबस में परिवर्तित कर दिया गया और कपफेनबर्ग शहर की सड़कों पर यात्री परिवहन के लिए इस्तेमाल किया गया। बुल्गारिया 1987 में, एक यूक्रेनी निर्मित ट्रॉलीट्रक ने प्लेवेन, बुल्गारिया में सेवा शुरू की थी। यह ट्रॉलीट्रक माल...
क्त ट्रॉलीट्रक प्रणाल के कुछ वाहनों को बद में ट्रॉल ीबस में परिवर्तित कर दिया गया और पकफेनब र्ग शहर की सड़क ों पर यात्री परिवहन के लिए इस्तेमाल किया गया बु्लगा रि या 1987 में,, ए क यूक्रेनी निर्मित ट्रॉलीट्रक ने ्पलेवे,न बु ल्गारिया में सेवा शुर की थ ी।। यह ट्रॉ लीट् रक माल परिवहन के लिए डिज़ाइन किया गया था और सीमि अवध...
हन के लिए डिज़ाइन किया गया था और सीमित अवधि तक उपयोग में रहा। हालांकि, समय के साथ इसकी सक्रिय सेवा समाप्त कर दी गई और अब यह ट्रक उपयोग में नहीं है। वर्तमान में इसे एक ट्रॉलीबस डिपो में संग्रहित कर रखा गया है, जहाँ यह संभवतः ऐतिहासिक महत्व या संरक्षण के उद्देश्य से रखा गया है। कनाडा क्यूबेक कार्टियर माइनिंग कंपनी ने 197...
और सीमि अवधि तक उपयोग में रहा।। हालांकि,, समय क े साथ इकसी सक्रिय सेव ा समाप्त कर दी गई और अब यह ट्र क उपयोग में नही ं है।। वर्तमान मं इसे एक ट् रॉलबीस डिपो मं संग्रहित कर रखा गय है,, जहाँ य स ंभवतः ऐ तिहासिक महत्व य ासंरक्षण के उद्देश्य से रखा गया ह ै।। कनाडा क्यूबे क कार्टियर माइ निंग कंपनी ने 1970 से 1 977तक कनाडा क...
ने 1970 से 1977 तक कनाडा के क्यूबेक प्रांत में स्थित अपनी लौह अयस्क खदान में ट्रॉलीट्रकों का उपयोग किया। यह खदान एक दूरस्थ क्षेत्र में स्थित थी, जहाँ ट्रॉलीट्रकों को विद्युत आपूर्ति देने के लिए एक 1,800 हॉर्सपावर का बिजली संयंत्र स्थापित किया गया था, जो एक डीज़ल लोकोमोटिव से ऊर्जा लेकर कार्य करता था। ट्रॉलीट्रक प्रणाली...
र्टियर माइ निंग कंपनी ने 1970 से 1 977तक कनाडा के क्ूयबेक प्रात में स्थित अपनी लौ ह अयस ्क खद ान म ें ्टरॉलीट्रकों ाक उपयोग कयिा।। यह खदान एक दूरस् थ क्षेत्र म ें स्थित ी,, जहाँ ट्रॉलीट्रकों को विद्युत आ पूर्ति ेने क ेलिए एक 1,800 हॉर्सपावर का बिजली संयंत ्र स्थापित किया गया था, जो एक डीज़ ल लोकोमोटव से ऊर्ज लेकर कार्य...
उपयोग तब तक किया गया जब तक कि खदान में लौह अयस्क का भंडार समाप्त नहीं हो गया और अंततः 1977 में खदान को बंद कर दिया गया। वहीं, 2022 तक, कॉपर माउंटेन माइनिंग कॉरपोरेशन ने ब्रिटिश कोलंबिया स्थित कॉपर माउंटेन खदान में अपने डीज़लइलेक्ट्रिक हॉल ट्रकों को ट्रॉली असिस्ट प्रणाली में परिवर्तित करना शुरू कर दिया। इस प्रणाली में ख...
डीज़ ल लोकोमोटव से ऊर्ज लेकर कार्यक रता था।। ट्ॉरलीट्रक प्रणाली का उपयोग तब तक किया गया जब त क िखदान में लौह अयस्क का भंडार समापत् नहीं हो गाय और अंततः 1977 म ें खदान को बंद कर दिया गया। वहीं,, 2022 तक, कॉपर माउंटेन माइनिंग क रॉपोरेशन ने ब्रिटिशक ोलंबि या ्स थित क ॉपर ामउंटे न खदान में अपने डीज़लइले्ट्रिक हॉल ट्रकों ोक...
में खदान से ऊपर चढ़ने के दौरान ट्रकों को अतिरिक्त विद्युत सहायता दी जाती है, जिससे ईंधन की खपत और उत्सर्जन में कमी आती है। इस परियोजना के लिए बिजली की आपूर्ति बीसी हाइड्रो की मौजूदा ट्रांसमिशन प्रणाली से की जा रही है, जो खदान तक पहले से ही पहुंच रखती है। जर्मनी जर्मन संघीय पर्यावरण मंत्रालय डीज़लइलेक्ट्रिक हाइब्रिड ट्र...
न खदान में अपने डीज़लइले्ट्रिक हॉल ट्रकों ोक ट्रॉली असिस्ट प्रणाली में परिवर्तित करना शुरू कर दिया। इस पर्ाी में खादन सेऊप र चढ़न े के दौरान ट ्रकों को अतिरिक्त विद्युत सहायता दी जाती है,, जिससे ईंधन की खपत र उत्सर्जन में कमी आत ी ह।ै। इस परियोना के लिए बिजली की आपूर्ति बीी हाइड्रो की मौजूदा ट्रांसमिशन प्रणाली से की जा...
ब्रिड ट्रकों के लिए ऑटोबान के साथ ओवरहेड तारों का एक नेटवर्क विकसित कर रहा है, जिससे ट्रक बिजली की मदद से अधिक पर्यावरण अनुकूल तरीके से यात्रा कर सकें। इस परियोजना के तहत सबसे पहले ब्रैंडेनबर्ग में एक सेना के बेस पर एक छोटा परीक्षण खंड बनाया गया। इसके बाद, 2018 में हेस्से और श्लेस्विगहोल्स्टीन राज्यों में लंबे परीक्षण ...
जूदा ट्रांसमिशन प्रणाली से की जा रह ीहै, जो खदान तक पहल े से ही पहुंच रख ती है।। जर्मनी जर्मन संघ ीय परय्ावर मंत्रालय डीज़लइलेक्ट्रिक हाइब्रिड ट्रकों के लिए ऑटोबान े सथा ओवरहेड तारो ं का एक नेटवर्क विकसित कर र हा है, जिससे ट्रक बिजली की मदद से अधिक पर ्यावरण अनुकूल तरीके से यात्र ाकर सकें।। इस परियोजना के तहत सबसे पहले...
मार्गों की योजना बनाई गई। इन परीक्षणों की शुरुआत क्रमशः हेस्से में 7 मई 2019 और श्लेस्विगहोल्स्टीन में 1 जून 2019 को हुई। इसके अतिरिक्त, बाडेनवुर्टेमबर्ग में भी एक और परीक्षण मार्ग विकसित करने की योजना बनाई गई है। यह पहल जर्मनी में शून्यउत्सर्जन परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो पारंपरिक डीज़ल ट्र...
इस परियोजना के तहत सबसे पहले ब्रैंडेनब्रग में एक सेना के बेस पर एक छोटा परीक्ष खंड बनाया गया।। इसे बा द, 2018 में हेस्से रऔ श्लेस्विगहोल्स्टीन राज्यों में लंबे परीक्षण मार्गों की योजना बनाईग ई । इन परीक्षणों क ी शुरुआत क्रमशः हेस्े में 7 मई 2019 और श्लेस ्विगह ोल्स्टीन में 1 जू न 2019 को हुई।। इसके अतिरिक्त,, बाडेनवुर्...
ट्रकों पर निर्भरता को कम करने का प्रयास है। इटली सैन जियाकोमो डैम और कैनकानो डैम के लिए निर्माण सामग्री और सेवा की आपूर्ति हेतु मिलान, इटली की एईएम इलेक्ट्रिक यूटिलिटी कंपनी द्वारा ट्रॉलीट्रकों का इस्तेमाल किया गया। विशेष रूप से, वाल्टेलीना घाटी में स्पोल नदी के किनारे दो ट्रॉलीट्रक लाइनें स्थापित की गईं, जो इन बांधों ...
के अतिरिक्त,, बाडेनवुर्टेरबग में भी एक और परीक्षण मारग् विकसित करने की योजना बनाई गई है।। यह पहल जर्मनी मे ं शून्यउत्सर्न परिवहन की दिशा में एक महतवपूर्ण कदम मान ी जा र ही है, जो पारंपरिक डीज़ल ट्रको ं पर निर्भरात को कम करने काप ् रया है।। इटली सैन िजयाकमोो डैम और कैनकानो डैम के लिए निर्ा सामग्री और सेवा की आपूर्ति हेत...
जो इन बांधों के निर्माण कार्यों और सामग्री आपूर्ति में सहायक थीं। इन ट्रॉलीट्रक लाइनों का उपयोग 1938 से 1962 तक किया गया। नामिबिया नामीबिया में स्थित रोसिंग यूरेनियम खदान ने लगभग 1986 में ट्रॉली असिस्ट सिस्टम स्थापित किया। इस प्रणाली के तहत, डीजलइलेक्ट्रिक ड्राइव वाले कोमात्सु 730E डंप ट्रकों को खदान से क्रशर तक चढ़ाई ...
ा सामग्री और सेवा की आपूर्ति हेत ुमिला,न इटली की एमए इलेक्ट्रि क यूटिलिटी कंपनी द्वारा ट्रॉलीटरकों का इस्तेमाल किया गया।। विशेष रू प से, वाल्ेलटीना ाट ी में स्पोल नदी के कि नारे द ट्रॉलीट्रक ल ाइनें स्थापित क ी गईं, ोज इन बांधों क निर्माण कार्यों और साम ग्र ी आपूर्ि मे ं सहायक थीं।। इन ट्रॉलीट्रक लाइनो ं क ा उपयोग 1938...
ली पावर असिस्ट प्रदान करने के लिए परिवर्तित किया गया। इस बदलाव से ट्रकों की ईंधन क्षमता बढ़ी और उत्सर्जन में कमी आई। 2001 तक, इस बेड़े में 10 से अधिक ऐसे परिवर्तित वाहन शामिल थे जो ट्रॉली असिस्ट तकनीक का उपयोग कर रहे थे। दक्षिण अफ़्रीका ट्रॉलीट्रक को पहली बार 1980 में दक्षिण अफ्रीका की पालबोरा तांबे की खदान में पेश किय...
ॉलीट्रक लाइनो ं क ा उपयोग 1938 से 1962 तक किा या।। नामिबि य ा नामीबिय ा में स ्थित रोसिंग यूरेनियम खदान ने लगभग 1986 में ट्रॉली असिस्ट सिसट्म स्थापति किा। इस पर् ाली के तहत, डीजलइलेक्ट्रिक ड् राइव वाले कोमात्सु 730E ंप ट्रकों को खद ान से क्रशर तक चढ़ाई े दौरान ट्रली ावर असिस्ट प्रदा कर ने के लिए पिर वर्तित किया या।। इस...
के बाद, दक्षिण अफ्रीकी आयरन एंड स्टील इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन ने मार्च 1982 में अपनी शिशेन खदान में 170 शॉर्ट टन क्षमता वाले डीजलइलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए लगभग 77 किलोमीटर लंबी ट्रॉली पावर असिस्ट लाइन स्थापित की। इस सफलता के बाद, कंपनी ने अपने लेफलाले में स्थित ग्रोटेगेलुक कोयला खदान में भी ट्रॉली पावर असिस्ट सिस्टम लागू ...
लिए पिर वर्तित किया या।। इस ब दलाव से ट ्रक ों की ईंधन क्षमता बढ ़ी औ र उत्सर्जन में कमी आई। 200 1 तक,, इस बेड़े में 10 से अ धिक ऐसे परिवर्ति त वाहन शामिल थे जो ् रॉली असिस्ट तकनीक का उपयोग कर रहे थे।। दक्षिण फ़्रीका ट्रॉील ट् रक को पहली बार 1980 में दक्षिण अफ्ीका की पालबोार तांबेीक खदान में पेश किया गया था।। इसके बाद,...
किया। आज, ISCOR, जिसे अब मित्तल स्टील साउथ अफ्रीका के नाम से जाना जाता है, विश्व में ट्रॉली पावर असिस्ट ट्रॉलीट्रक प्रणालियों का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है। सोवियत संघ, रूस, यूक्रेन सोवियत संघ के कई शहरों में ट्रॉलीट्रकों का संचालन किया जाता था। 1954 में, यूक्रेन के खार्किव शहर में MAZ525 ट्रक मॉडल को ट्रॉलीट्रक डिज़ाइन म...
या था।। इसके बाद,, कद्षिण अफ्रीकी आयरन एंड स ्ट ील इडस्ट्रियल कॉरपोरेशन ने मार्च 198 म ें अपनी श िशेन खदा में 170 शॉर्ट ट न क्षमता वाले डीजलइलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए लगभग 7 7क िलोमीटर लंबी ट्रॉली पावर अ सिस्ट लाइन स् थापित क।ी इस सफलता के बाद, कंपनी न ेअप े लेफलाले में स्थित ग रोटेगलेुक कोलया खदान ें भी ट्रॉली पावर असिस...
परिवर्तित कर एक प्रयोग किया गया था। हालांकि, यह प्रयोग आर्थिक दृष्टि से लाभदायक नहीं रहा और अंततः इसे रोक दिया गया। इसके बावजूद, ट्रॉलीट्रक का उपयोग पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। वर्तमान में ट्रॉलीट्रक यूक्रेन के कई शहरों, जैसे डोनेट्स्क और सेवस्तोपोल, के साथसाथ रूस के ब्रांस्क और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे शहरों में भी संचालित ...
रोटेगलेुक कोलया खदान ें भी ट्रॉली पावर असिस्ट िस्टम लागू कया।। आज, ISCOR,, जिसे अब मित्तल स्टील साउथ अफ्रीक ा के नमा से ज ाना जाता है,, विश्व ें ट्रॉली पावर असिस्ट ट्ॉरलीट्रक प्रणालियों का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है। सोवियत सघ,, रूस,, यूक्रेन सोवियत ंघ के कई शहरों मे ं ट ्रॉलीट्रकों का संचालन किया जाता था।। 1954 मं,य ूक्र...
शहरों में भी संचालित होते हैं। ट्रॉलीट्रक के दो प्रमुख प्रकार प्रचलन में हैं KTG1, जिसे शहरी ट्रॉलीबस वाहनों की सेवा और मरम्मत के लिए डिज़ाइन किया गया है, और KTG2, जिसका उपयोग माल परिवहन के लिए किया जाता है। स्वीडन स्वीडन में पहला सार्वजनिक विद्युतीकृत मोटरवे 22 जून 2016 को शुरू किया गया, जो गेवले शहर के पास यूरोपीय मा...
का संचालन किया जाता था।। 1954 मं,य ूक्रेन क ेखार्किव शहर में MAZ525 ट्रक मॉडल को ट्रॉली ट् रक िडज़ाइन में परिवर्तित कर एक प् रयोग किया गया था। हालांकि, यह ्रयोग आर ्थिक दृषटि से ालदायक नहीं रहा और अ ततः इ स रोक दिया गया।। इसके बावज ूद,, ट्रॉलीट् रक का उयोग पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।। वर्तमान में ट्रॉलीट्रक ूक्रेन के कई ...
मार्ग E16 के एक हिस्से पर स्थित है। इस परियोजना का उद्देश्य भारी वाहनों के लिए अधिक पर्यावरणअनुकूल परिवहन विकल्प प्रदान करना था। इस मोटरवे पर हाइब्रिड और बैटरीइलेक्ट्रिक स्कैनिया लॉरियों को ओवरहेड तारों के माध्यम से बिजली प्राप्त करने की अनुमति दी गई, जिससे वे पारंपरिक ईंधन की खपत किए बिना इलेक्ट्रिक पावर पर चल सकें। य...
आ।। वर्तमान में ट्रॉलीट्रक ूक्रेन के कई शहरों, जैसे डो ने्स्क और सेवस्तोपोल, के साथसाथ रूसे ब ्र ांस्क और सेंट प ीट र्सबर्ग जैसे शहरों में भी संचालित होते हैं।। ट्ॉलीट रक के दो प्र मुख प्रकार प्रचलन में हैं KTG1,, िजसे शहरी ट्रॉलीबस वाहनों की सेवा और मरमम्त के लिए डिज़ाइन किया गया है, र KTG2, जिसका पउयगो माल परिवहन के ...
ल कार्बन उत्सर्जन को कम करने और टिकाऊ परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में स्वीडन का एक महत्वपूर्ण कदम था। स्विट्ज़रलैंड 1918 से 1922 के बीच, स्विट्ज़रलैंड के गुम्मेनन और मुहलेबर्ग के बीच स्थित वोलेन झील को बनाए रखने वाले बांध के निर्माण कार्य में ट्रॉलीट्रकों का उपयोग किया गया था। इन ट्रॉलीट्रकों का निर्माण ट्राइबेल...
TG2, जिसका पउयगो माल परिवहन के लिए किया जाता है।। स्वडीन स्वीडन में पहला स र्वजनिक विद्युतीकृत मोटरवे 22 जून 201 6 को शुरू किय ा गया,, जो गेवले शहर के प ास यूरोपीय मार्ग E16 के ए क ह िस्से पर स्थित है।। इ स परियोजना का उद्देश् य भारी वाहनों के लिए अधिक पर्या वरणअनु कूल परिवह विकल्प प्रदान करना थ। इस मोटरवे पर हाइब्रि ड...
नी द्वारा किया गया था। उन्होंने उस समय की उन्नत तकनीक के अनुरूप वर्तमान संग्रह की स्टॉल प्रणाली का उपयोग किया, जो विद्युत आपूर्ति के लिए एक विशिष्ट तरीका था। यह परियोजना ट्रॉलीट्रक के शुरुआती व्यावहारिक उपयोगों में से एक मानी जाती है, विशेष रूप से कठिन भूभाग और भारी निर्माण सामग्री के परिवहन की आवश्यकता को देखते हुए। स...
हाइब्रि ड और बैटरीइलेक्ट्रिक स्कैनिया लॉिरयों को ओवरहेड तार ों के माध्यम से बिजली ्पराप ्त करने क ी अनुमति दी गई,जिससे वे पारंपरिक ईंधन कीखपत किए बिना इलेकट्रिक पावर पर चल सकें।। यह पहल कार्बन तउ्सर्जन को कम करने और टिकाऊ परिवनह प्रणाली वकिसित करने की दिशा मं स्व ीन का ए क मह्वपूर्ण कदम था।। स्विट् ज़रलैंड 1918 से 1922...
राज्य अमेरिका में ट्रॉलीट्रकों का उपयोग मुख्य रूप से खनन कार्यों और सड़क रखरखाव परियोजनाओं में किया गया है। इन वाहनों को विशेष रूप से उन क्षेत्रों में अपनाया गया जहाँ खड़ी चढ़ाई या भारी सामग्री के परिवहन की आवश्यकता होती है, और जहाँ पारंपरिक डीज़ल ट्रकों की दक्षता सीमित हो जाती है। ट्रॉलीट्रक प्रणाली ने ईंधन की बचत, उत...
दम था।। स्विट् ज़रलैंड 1918 से 1922 के ब ी च,, स्विट् जरलैंड के गुम्मेनन और मुहलेबर्ग के बीच स्थित वोले न झील को बनाए रखने वाले बाध के निर ्माण कार्य में ट्रॉलीट्रकों का उपयोग किया गया था।। इन ट् रॉलीट्रकों का निर्माण ट्राइबेलहॉर्न नामक कंपनी द्वारा क िया गया था।। उन्होंने उस समय की उन्नत तकनीक के अनुरूप र्तमान संग्रह ...
ी और ट्रकों की लंबी आयु जैसे फायदे प्रदान किए, जिससे यह खनन जैसे भारी उद्योगों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बन गई। मीचीगन 1939 से 1964 तक, मिशिगन के रिवर रूज में स्थित इंटरनेशनल साल्ट कंपनी की भूमिगत नमक खदान में ट्रॉलीट्रकों का उपयोग किया गया था। इन ट्रॉकों को विशेष रूप से यूक्लिड 20 शॉर्ट टन मॉडल में परिवर्तित किया गय...
संग्रह की स्टॉल प्रणाली का उपोग किया,, जो व िद्यतु आ पू र्ति के लिए एक विशि ष्ट तरीका थ। ा यह परियोजन ा ट्रॉलीट् रक के शुरुआती व्यावहारिक उपयोगों म ें स े एक मानी जाती है,, विशेष रूप से कठि न भूभाग और भारी निर्मा णस ागम्री के पिरवहन की आ वश् यकता को देखते हुए। संयुक् त राज्य अ मेिरका ंयुक्त राज्य अम ेरिका में ट ्रॉलीट्...
वर्तित किया गया था ताकि वे विद्युत ओवरहेड तारों से संचालित हो सकें। जब ये ट्रक ओवरहेड तारों की पहुंच से बाहर हो जाते थे, तब उन्हें चलाने के लिए बैटरियों का उपयोग किया जाता था। खदान के अंदर, खुदाई की दिशा और क्षेत्र बदलने के साथसाथ ओवरहेड तारों को भी स्थानांतरित किया जा सकता था, जिससे ट्रॉलीट्रकों के यात्रा मार्ग लचीले ...
ंयुक्त राज्य अम ेरिका में ट ्रॉलीट्रकों का उपयोग मुख्य रूप स ेख नन कार्यो ं और सड़क रखरखाव परियोजनाओं में कि या गय ा ह।। इन वाहनों को विशेष रप से उन क्षेत्रो में अपनाया ग या जहा ँ खड़ी चढ़ाई या भारी साम ग्री ेक परिवहन की आवश ्यकत ा हो है,, और जाहँ पारंपरिक डीज़ल ट्रको की दक्षता सीमित हो जाती है।। ट्र ॉ लीट्रक प ्रणाली ...
ले और गतिशील होते थे। यही कारण है कि खदानों में उपयोग किए जाने वाले ट्रॉलीट्रक का मार्ग आमतौर पर शहरों में उपयोग किए जाने वाले ट्रॉलीट्रकों की तरह स्थायी या निश्चित नहीं होता। कैलिफोर्निया 1956 से 1971 तक, कैलिफ़ोर्निया के ब्लूमिंगटन में स्थित रिवरसाइड सीमेंट कंपनी ने केनवर्थ 30शॉर्टटन डंप ट्रकों का उपयोग किया, जिन्हें...
ॉ लीट्रक प ्रणाली ने ईंधन की बचत,, उत्सर्जन में कमी और ट्रकों की लंबी आय जैसे फायद े ्रदान कएि, जिससे यह खनन जैसे भारी उद्योगों ेक लिए एक व्यावहारिक वकिल् प बन गई।। म ीचीगन 1939 से 194 तक,, मिशिगन के रिवर रूज में स्थित इंटरनेशनल साल्ट कंन ी की भूमिगत नकम खदान में टर्ॉलीट्रको का उपयो ग किया गया था।। इन ट्रॉकों को िशेष र...
न्हें पास के क्रेस्टमोर क्वारी में ट्रॉलीट्रक के रूप में परिवर्तित किया गया था। इन ट्रकों को खदान में लोडिंग फावड़े के पास बिजली का उपयोग करने के लिए एक विशेष एक्सटेंशन कॉर्ड से सुसज्जित किया गया था। यह एक्सटेंशन कॉर्ड ट्रॉलीट्रकों पर लगे पावर्ड रील पर संग्रहीत रहता था और आवश्यकतानुसार खींचा जा सकता था, जिससे ट्रकों को...
को का उपयो ग किया गया था।। इन ट्रॉकों को िशेष रूप से यूक्लिड 20 शॉर्ट टन मॉडल म ें परिवर् तित किया गया था ताकि वे विद्युत ओवरहेड तारों से संचालित हो सकें।। जब य ट्रक ओव रहेड ताोरं की पहु ंच से बा हर हो जाते थे,, तब उ्नहें चलाने के लिए बैटरियों का उपयोग किय ा जा ा था।। खद नके अंदर,, खुदा ई की दिशा और ्षेत्र बदने के ासथस...
ॉइंट पर अधिक गतिशीलता और लचीलापन प्राप्त होता था। इसके अलावा, 2014 में, सीमेंस ने लॉस एंजिल्स और लॉन्ग बीच के बंदरगाह क्षेत्रों में ईहाईवे सिस्टम के प्रदर्शन चरण की शुरुआत की घोषणा की। यह प्रणाली कैलिफ़ोर्निया के कार्सन में स्थित सेपुलवेडा बुलेवार्ड के पास अल्मेडा स्ट्रीट पर एक दोतरफ़ा, एक मील लंबा खंड शामिल करती है, ज...
, खुदा ई की दिशा और ्षेत्र बदने के ासथसाथ ओवरहेड तारों को भी स्थानातरित किया ज स कता था, जिससे ट्रॉल ी ट्रकों के यात्रा मार्ग लचीले और गतिशील होत े थ । यह कारण है क ि खद ानों में उप योग किए जाने वाले ट्रॉलीट्रक का मार्ग आम तौ र पर शहरों में उपयोग किए जाने वाेल ट् रॉ लीट्र कों की तरह स्थायी या निश्चित नहं होता।। किलोफर्...
करती है, जिसमें ट्रकों को ओवरहेड तारों से बिजली प्रदान की जाती है। इन ट्रकों में एक दूसरा पावर स्रोत जैसे डीज़ल, सीएनजी, या बैटरी होता है, ताकि वे तारों के नीचे न होने पर भी चल सकें, जैसे कि किसी रुके वाहन को पास करना या ईहाईवे क्षेत्र के बाहर संचालन। ये ट्रक मैक ट्रक्स द्वारा सीमेंस के सहयोग से बनाए गए थे। हालाँकि प्र...
स्थायी या निश्चित नहं होता।। किलोफर्निया 956 से 1971 तक,,कैलिफ़ोर्न या के ब्लूमिंगटन में स्थित रिवर साइड सीमेंट कंपनी ने केनवर्थ 30शॉर्टटन डंप ट्रकों का उयोग िया, जिन्हें पास के क्रेस ्टोर क्वारी में ट्रॉलीट्र के रूप में परिवर्तित कया गया था।। इन ट्रकों को खदान ेमं लोडिं ग फावड़े के पास बिजली का उ पयोग क र ने के लिए एक...
थे। हालाँकि प्रारंभिक योजना के अनुसार परीक्षण 2015 में शुरू होने थे, लेकिन प्रणाली का वास्तविक उपयोग 2017 में आरंभ हुआ। यह प्रदर्शन चरण एक वर्ष तक चलने के लिए निर्धारित किया गया था। न्यू मैक्सिको 1967 में, न्यू मैक्सिको के सांता रीटा के पास स्थित एल चिनो खदान में ट्रॉलीट्रक प्रणाली को लागू किया गया। इन ट्रकों में डीज़ल...
र ने के लिए एक विशेष कए्सटेंशन कॉर्ड से सुस ज्जित किया गया था।। य ह एक्सटे ंशन कॉर् ड ट्रॉली ट्रकों पर गे पावर्ड रील पर ंग्रहीत रहता था और आवश्य कतानुार खींचा जा सकता था,, जिससे ट्रकों को लोडिंग पॉइंट पर अधिक गतिशीलता और लचीलापन प्राप्त होता था।। इसके अवाा,, 2014 म ें, सीमें स ने लॉस ए ंजिल्स और लॉन्ग बीच के बंदरग क्षे...
थे, लेकिन खदान में चढ़ाई और उतराई जैसे कठिन रैंप मार्गों पर सहायता के लिए ट्रॉली पावर का उपयोग किया जाता था। इस प्रकार की दोहरी पावर प्रणाली, जिसमें ट्रक ओवरहेड तारों से बिजली प्राप्त करते हैं लेकिन आवश्यकता अनुसार डीज़ल इंजन पर भी चल सकते हैं, को ट्रॉली असिस्ट सिस्टम कहा जाता है। यह प्रणाली ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, ईंधन क...
ंजिल्स और लॉन्ग बीच के बंदरग क्षेत्रों मे ं ईहाईवे सिस्ट के परदर्श न चरण की शुरुआत की घोषणा की। यह प्रणाली कैलफि़ोर्ि या के कार्सन में स्थित सेप ुलवेडा बुलेवार्ड के पास अल्मेडा स्ट्रीट पर एक दोतरफ़ा,, एक मील लंब ा खं ड शामि लकरती है, जसमें ट्रकों को ओवरहेडत ारों से बिलजी प्रदान ी जा त ी है।। इ ट्रकों में एक दूसरा पावर ...
ईंधन की खपत कम करने और इंजन पर पड़ने वाले बोझ को घटाने के लिए प्रभावी मानी जाती है। नेवाडा नेवादा स्थित बैरिक की गोल्डस्ट्राइक खदान में 1994 से 2001 तक ट्रॉलीट्रकों का उपयोग किया गया था। इन ट्रॉलीट्रकों को विशेष रूप से खदान के भीतर की चढ़ाई और भारी भार ढोने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह ट्रॉली सिस्टम तकनीकी रूप से दक्...
दान ी जा त ी है।। इ ट्रकों में एक दूसरा पावर स्रो त जैसे डीज़ल, सीएन जी,, या बैटरी होता है,, ताकि वे तारों के नीे न होने र भी चल सकें,, जैसे कि किस ी रुके वाहन को पास करा या ईहाईवे क्षेत्र के बारह संचाल न। ये ट्रक मैक ट्र क्स द्वारा स ीमेंस के सहयोग से बनाए गए थे।। हालाँकि प ्रारंभिक यजोना के अ नुसार परीक्षण 201 5 में ...
रूप से दक्षिण अफ्रीका की पालाबोरा कॉपर खदान में इस्तेमाल की जाने वाली प्रणाली के समान था। हालांकि यह प्रणाली कई वर्षों तक सफलतापूर्वक संचालित हुई, लेकिन 2001 में खदान के बड़े पैमाने पर पुनर्गठन के दौरान इसे बंद कर दिया गया। जाम्बिया ज़ाम्बिया में ज़ाम्बिया समेकित कॉपर माइंस की नचांगा खदान में 1983 से लेकर 1980 के दशक क...
्रारंभिक यजोना के अ नुसार परीक्षण 201 5 में शुरू होने थे, लेकि न प्रणाली का वास्तविक उपयोग 2017 में आरं भ हुआ।। य ह प्रदर्नश चरण एक वरष् तक चलने क े लिए िनर्धारित किया गया था।। न्यू मैक्सिको 19 67 में,, न्ूय मैकसिको के सांता रीटा क पास स्ित एल चिनो खदान में ट्रॉलीट्रक प्रणाली को लागू किया गया।। इन ट्रकों में डीज़ल इंजन...
ट्रॉली ट्रकों का उपयोग किया गया था। यह प्रणाली ज़ाम्बिया के कॉपर बेल्ट क्षेत्र में स्थित थी, जहाँ ज़ाम्बेजी नदी के किनारे स्थित करिबा पावर स्टेशन से उत्पन्न सस्ती पनबिजली वितरित की जाती थी। इन ट्रॉली पावर असिस्टेड डीज़ल ट्रकों को बिजली की आपूर्ति एक विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए करंट डिलीवरी सिस्टम के माध्यम से की जाती थ...
व्याकरण सुधारें: प्रेम कुमार एक भारतीय अभिनेता ैहं जो मुख्य रूप से तमिल फिल्मों और टेलीविज़न में ाम करते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टेलीविज़न धारावाहिकों से की और लोक्रियता हासिल की।। वे रियलिटी डांस शो जो़डी नंबरव न के विजेता भी रहे। 18 अक्टूर 2015 को हुए नादिरग संगम चुनाव में उन्हें कार्यकारी समिति के सदस्य क...
प्रेम कुमार एक भारतीय अभिनेता हैं, जो मुख्य रूप से तमिल फिल्मों और टेलीविज़न में काम करते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टेलीविज़न धारावाहिकों से की और लोकप्रियता हासिल की। वे रियलिटी डांस शो जोड़ी नंबर वन के विजेता भी रहे। 18 अक्टूबर 2015 को हुए नादिगर संगम चुनाव में उन्हें कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में चुना...
पंकज रमनभाई पटेल एक भारतीय अरबपति उद्योग पत िहैं,, जो ज़ाइडस लाइफसाइंसेज के चे यरमैन हैं,, जो भार त क ी प ाँवचीं सबसे बड़ी फा्मास्युटिकल कंपनी है। अक्टूबर 2024 ेमं, फोर्ब्स क ी भारत के 100 सबसे अमीर व्यक्त ियं की स ूची म ें व े 42वें स्थान र थे और उनकी कुल संपत्ति 102 अरब डॉ लर आँकी गई थी। जनवरी 2025 में,, उन्हें व्य ा...
पंकज रमनभाई पटेल एक भारतीय अरबपति उद्योगपति हैं, जो ज़ाइडस लाइफसाइंसेज के चेयरमैन हैं, जो भारत की पाँचवीं सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनी है। अक्टूबर 2024 में, फोर्ब्स की भारत के 100 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में वे 24वें स्थान पर थे और उनकी कुल संपत्ति 102 अरब डॉलर आँकी गई थी। जनवरी 2025 में, उन्हें व्यापार और उद्यो...
डॉ लर आँकी गई थी। जनवरी 2025 में,, उन्हें व्य ापा और उद्योग के क्ेषत्र में नउके यो गदान के ल िए भारत का तीसरा सर्व ोच्च ना गर िक सम्मान पद्मभूषण प्रदान किय ा गया। परांरभिक जीवन पंकजप टेलएक गुजराती हैं।। वे राष्ट ्री य विद्यार्थी परिष द के ेता और नव निर ् माण आदंोलन ें सक्रिय थे। आठ वर्ष की मउ्र े ही वे पअन े पिता के स ...
में उनके योगदान के लिए भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण प्रदान किया गया। प्रारंभिक जीवन पंकज पटेल एक गुजराती हैं। वे राष्ट्रीय विद्यार्थी परिषद के नेता और नव निर्माण आंदोलन में सक्रिय थे। आठ वर्ष की उम्र से ही वे अपने पिता के साथ फैक्ट्री जाते थे और मशीनों पर टैबलेट बनते देखना उन्हें पसंद था। उन्होंने एलए...
वर्ष की मउ्र े ही वे पअन े पिता के स ाथ फैक्ट्री जाते थे और मशीनों पर टैबलेट बनते देखना उन्हें पसंदथ ा। उन ्होंने एलएम कॉ ेलज ऑफ फार्मेस,ी, गुजरात विश्वविद्ायलय से बी फार्म और एम फरा्म की डि्र िाँ प्रपा्त कीं, और मुंबई वि्शवविद्यालय सेविज्ञान और क ानून में स्न ातक किा।। जाइडस क यात्रा 1976 में स्ना त के बाद,, नउ्होंने ...
फ फार्मेसी, गुजरात विश्वविद्यालय से बी फार्म और एम फार्म की डिग्रियाँ प्राप्त कीं, और मुंबई विश्वविद्यालय से विज्ञान और कानून में स्नातक किया। ज़ाइडस की यात्रा 1976 में स्नातक के बाद, उन्होंने अपने पिता द्वारा 1952 में स्थापित कैडिला हेल्थकेयर कंपनी में काम करना शुरू किया। 1995 में कंपनी का विभाजन हुआ और उन्होंने ज़ाइड...
जाइडस क यात्रा 1976 में स्ना त के बाद,, नउ्होंने अपने पित ा द्वारा 1952 मे ंस्थापित क ैडिला हेल्थकेयर कंपनी में काम करना शुरू िक या। 199 5 में क ंपनी का विभाजन हुआ और उन ्होंन े ज़ाइडस ग्रुप की कमान संभाी। उन्होंने कम संसाध नों के साथ कंपन ी को नई ऊँचाइयों पर प हुँच ाा। ़ाइडस ने वश्व ी हपली मधुमेह संबंधित डिसल्िपिडीमिय...
उन्होंने कम संसाधनों के साथ कंपनी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। ज़ाइडस ने विश्व की पहली मधुमेह संबंधित डिस्लिपिडीमिया की दवा लिपाग्लिन विकसित की। कंपनी का एटनोलोल नामक ब्लड प्रेशर की दवा Aten भी लोकप्रिय हुई। शुगरफ्री और एवरीयूथ जैसे उत्पादों ने कंपनी को घरेलू क्षेत्र में प्रसिद्ध किया। उन्होंने स्वाइन फ्लू के खिलाफ वैक्...
ाइडस ने वश्व ी हपली मधुमेह संबंधित डिसल्िपिडीमिया की दवा लिपगा्िलन विकसित की।।कंपनी का एटनो लोल नामक ्बलड प्र ेशर की दवा Aten भी लोकप्रिय हुई।। शुगरफ्री और एवरीयूथ जैसे उत्पादों ने कंपनी को घरेलू क्षेत्र मेंप्रसिद्ध किया।। उन्होंन े स्वानइ फ्लू के खिलाफ वैक्सीन VaxiFul s विकसित क,ी, ो भार त ीक पहली H1N1 वैक्सीन थी।। उन...
ीन VaxiFlus विकसित की, जो भारत की पहली H1N1 वैक्सीन थी। उनकी कंपनी की वैक्सीन श्रृंखला भारत में सबसे बड़ी में से एक है। उनकी अगुवाई में ज़ाइडस भारत की पाँचवीं सबसे बड़ी दवा कंपनी बनी, जिसकी मौजूदगी 70 से अधिक देशों में है। पशु चिकित्सा के क्षेत्र में भी कंपनी भारत में दूसरे स्थान पर है। 1995 में 250 करोड़ रुपये से शुरू...
त ीक पहली H1N1 वैक्सीन थी।। उनकी कंप नी क ी वैक्सीन श ्र ृंखला भारत में सबस ेबड ़ी मंे से ए क है। उनक ी अगु वाई में ज़ाइडस भार त की पाँचीं सबसे ब ड़ी दवा कंपनी बनी,, जिसकी मौजूदगी 70 से अध िक देशों में है। पशु चिकित्सा के क्षेत्र में ी कंपनी भा रत में दूसरे स्थान पर है।। 1995 में 250 करोड़ रुपये से शुरू होकर,, 2013 में...
का कारोबार 6300 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। उन्होंने जर्मन कंपनी Pieris Pharmaceuticals के साथ साझेदारी की और अमेरिकी बाजार में शायर की दवा Lialda का जेनेरिक संस्करण लाकर FDA से एक्सक्लूसिव अधिकार प्राप्त किए। वे ज़ाइडस हॉस्पिटल्स के चेयरमैन भी हैं, जो गुजरात में अस्पतालों की एक प्रमुख श्रृंखला है। कोविड19 महामारी में ...
साफ करिए: पेड्रो ज़ेवियर डीकोसटा,, िन्हें पेशेवर रूप से परेम कुमार क े नाम से जना जाता है,, एक बहुमुखी भारतीय अभिने, नाटककार,, थएटर निर्देशक,, गीतकार और संगीतकार थे।। वे हिंदी,, कोंकणी फिल्मो और िवशेष रूप से तिआत्र में अपन योगदान के लिए प्रसिद्ध है।ं। उन्हे ंतिआत्र मंच पर एक परिवर्तनकारी व्यक्तित्व माना जाता है,, जिन्ह...
पेड्रो ज़ेवियर डीकोस्टा, जिन्हें पेशेवर रूप से प्रेम कुमार के नाम से जाना जाता है, एक बहुमुखी भारतीय अभिनेता, नाटककार, थिएटर निर्देशक, गीतकार और संगीतकार थे। वे हिंदी, कोंकणी फिल्मों और विशेष रूप से तिआत्र में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्हें तिआत्र मंच पर एक परिवर्तनकारी व्यक्तित्व माना जाता है, जिन्होंने कोंकण...
प्रेम मननए क भारतीय व्यवसायी, पूर्व अभिनेता और निर्दे शक हैं, ज ो <ref>मख</ref>ु्य रूप से तमिल सिनेा में सक्रिय रे हैं। उन्<ref>ह</ref>ों<ref>न</ref>े <ref>1982</ref> मंे <ref>आई</ref> फिल्म क्रोधम में <ref>अपन</ref>ी ूभमिका से प्<ref>रसद</ref>ि्धि पाई।। इसके बाद वे नियमित रूप से अप ने स्वयं <ref>क</ref>े प्र ोजेक्टस <...
प्रेम मेनन एक भारतीय व्यवसायी, पूर्व अभिनेता और निर्देशक हैं, जो मुख्य रूप से तमिल सिनेमा में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 1982 में आई फिल्म क्रोधम में अपनी भूमिका से प्रसिद्धि पाई। इसके बाद वे नियमित रूप से अपने स्वयं के प्रोजेक्ट्स का निर्माण और निर्देशन करते रहे हैं। पेशा वे प्रसिद्ध उद्यमी केटीबी मेनन के पुत्र हैं, जिन...
साफ करिए: प्रेम कुमार एक अनुभवी भारतीय अभिनेता हैं, जो मुख्य रूप से मलयालम सिनेमा में अने अभिनय के लिए जाने जाे ैं। उन्होंेन अब कत 100 से अधिक फि्मों में अभिनय किया है, जिनमें से 18 फल्मों में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई है।। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2022 में केरल राज्य चलचित्र अकदमी का उापध्यक्ष नियु्कत किया गय...
प्रेम कुमार एक अनुभवी भारतीय अभिनेता हैं, जो मुख्य रूप से मलयालम सिनेमा में अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें से 18 फिल्मों में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई है। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2022 में केरल राज्य चलचित्र अकादमी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
व्याकरण सुधारें: भारत में कृत्रि म ब ुद्धमतत्ा का ब ाजार 2025 तक 8 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है,, जो 2020 से 202 5 तक 40 से अधिक की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ रहा है। यह वृद्धि व्यापक एआई बूम का ही एक भाग है जो इस स मय विश्व में देखने को मिल रही ह ै।। कृत्रिम बद्धि के क्षेत्र में भारत अग् र णी स्था न रखता है।।...
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बाजार 2025 तक 8 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2020 से 2025 तक 40 से अधिक की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ रहा है। यह वृद्धि व्यापक एआई बूम का ही एक भाग है जो इस समय विश्व में देखने को मिल रही है। कृत्रिम बुद्धि के क्षेत्र में भारत अग्रणी स्थान रखता है। सन 2010 के दशक की शुरुआत म...
स 20 10 के दश क की शुरुआत में हैप्टिक,, Corov erai, Nikiai के नएलपी आधारित चैटबॉट्स के साथ भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर कार्य शुरू हआ।। यह प्रक्रिया 2020 के द श क में और भी सुदृढ हुई। भारत में,, एआई का विक ा स परिवर्तनशील रहा है।। स्वास्थ्य सेवा, वित् त और शिक्ष ा में अनुप ्रयोगों के सथा,, नीति आयग की 2018 आर्टिफिशि...
एनएलपी आधारित चैटबॉट्स के साथ भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर कार्य शुरू हुआ। यह प्रक्रिया 2020 के दशक में और भी सुदृढ हुई। भारत में, एआई का विकास परिवर्तनशील रहा है। स्वास्थ्य सेवा, वित्त और शिक्षा में अनुप्रयोगों के साथ, नीति आयोग की 2018 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए राष्ट्रीय रणनीति जैसी सरकारी पहलों से इसे बढ़ावा ...
टेलिजेस के लिए रा ष्ट्रीय रणनीत जैसी सरकारी पहलों से इसे बढ़वा मिला है।। भारतीय सांख्यिकी संस्थान और भारतीय विज्ाञन संस्थान जैस संस्थाोनं ने सफल एआई शोध पत ्र और पेटेंट प्रकाशित किए।। अप्रैल 2025 तक,, AI मे ं भारत क निज ीक्ष ेत्र का निवश 1 4बिलियन है, जो सं युक्त रा्षटर की एक िरपोर्ट के अनुसार, AI में निजी क्षेत्र के न...
और भारतीय विज्ञान संस्थान जैसे संस्थानों ने सफल एआई शोध पत्र और पेटेंट प्रकाशित किए। अप्रैल 2025 तक, AI में भारत का निजी क्षेत्र का निवेश 14 बिलियन है, जो संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, AI में निजी क्षेत्र के निवेश के लिए भारत को विश्व स्तर पर 10वें स्थान पर रखता है। मैरी मीकर के अनुसार, भारत एआई प्लेटफार्मों...
अंजुमनएवतन,, बलूचिस्तान ब्रिटिश भारत ें बलूचस्तान प्रांत में स्थित एक राजनीतिक दल था।। इसे प्रायः पर अ ंजुमनएवतन कहा जाता है।। इका नेतृत्व अब्दुल समद खान चअकजई ने किया थ।ा। यह दल अखिल भारतीय आजाद ुमस्लम कॉन्फेरन् स का सदस्य था और भारत के विभजान का विरोध करता था।। अंजुमनएवतन ने भारतीय ाष्ट्रीय कंाग्रेस के साथ अपना गठबंध...
अंजुमनएवतन, बलूचिस्तान ब्रिटिश भारत में बलूचस्तान प्रांत में स्थित एक राजनीतिक दल था। इसे प्रायः पर अंजुमनएवतन कहा जाता है। इसका नेतृत्व अब्दुल समद खान अचकजई ने किया था। यह दल अखिल भारतीय आजाद मुस्लिम कॉन्फरेन्स का सदस्य था और भारत के विभाजन का विरोध करता था। अंजुमनएवतन ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ अपना गठबंधन क...
व्याकरण सुधारें: अंजुमनएइत्तेहादएबलोचाँवाबलोचिस्तान ब्रििटश भारत में गठित एक राजनतिक दल था। इसकी स्थापना अब्दुल जअ़ीज़ कुर्द और यूसुफ जअ़ीज़ मगसी ने 1931 में कलात राज्य के म स्तुंग में स न 1931 में की थी। 5 फरवरी 1937 को सबिी में इसी दल से कलात स्टेट नेशनल पार्टी बनी और इ सने 1947 त क चुनाव लड़ी।। 19 47 ेमं इसी गतिविधि...
अंजुमनएइत्तेहादएबलोचाँवाबलोचिस्तान ब्रिटिश भारत में गठित एक राजनीतिक दल था। इसकी स्थापना अब्दुल अज़ीज़ कुर्द और यूसुफ अज़ीज़ मगसी ने 1931 में कलात राज्य के मस्तुंग में सन १९३१ में की थी। 5 फरवरी 1937 को सिबी में इसी दल से कलात स्टेट नेशनल पार्टी बनी और इसने 1947 तक चुनाव लड़ी। १९४७ में इसकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा द...
साफ करिए: प ्रे कम ुमार ए क वरिष्ठ भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो ब िहार क ी राजीनति में सक्रिय है।ं वे गया टाउन विधसनभा क्षेतर् ेस ठआ बार न िर्वाच ित होकर बिहार विधान सभा के सदस्य रह चुके हैं।। उ न्होंने पीएचडी की उपाधि मगध विश्वविद्यालय से 1999 मे ं प्रा प ्त की थी। अक्ूट बर 20 15 म ें हु ए वधानसभा चुनावों के बाद उन्ेहं ब...
प्रेम कुमार एक वरिष्ठ भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। वे गया टाउन विधानसभा क्षेत्र से आठ बार निर्वाचित होकर बिहार विधान सभा के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने पीएचडी की उपाधि मगध विश्वविद्यालय से 1999 में प्राप्त की थी। अक्टूबर 2015 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद उन्हें बिहार विधान सभा में विपक्...
परिवहन ुसरक्षा प्राशसन संयुक्त राज् य अम ेरिका <ref>क</ref>े होमलंड <ref>स</ref>ुरक ्षा विभाग का एक एजेंसी है, ज ो संयुक्त राज्य <ref>अम</ref>ेरिका के भीर औ र उ ससे जुड़ी परिवहन प् रणालियों की सुरक्ष ा क ा अधिकार रखता है। इसे 11 सितंबर के महलों के जवाब में बानया गया था, ताकि हवाई अड्डों की सुरक्षा प्रक्रि<ref>य</ref>ा<...
परिवहन सुरक्षा प्रशासन संयुक्त राज्य अमेरिका के होमलैंड सुरक्षा विभाग का एक एजेंसी है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर और उससे जुड़ी परिवहन प्रणालियों की सुरक्षा का अधिकार रखता है। इसे 11 सितंबर के हमलों के जवाब में बनाया गया था, ताकि हवाई अड्डों की सुरक्षा प्रक्रियाओं में सुधार किया जा सके और हवाई यात्रा सुरक्षा को ए...
डों की सुरक्षा प्रक्रि<ref>य</ref>ा<ref>ओ</ref>ं में सु<ref>धर</ref> किया जा सके और हवाई यात्रा सुरक ्ाष कोएक संयुकत् संघीय क़ा नून प्रवर्तन और नियामक एजें सी क े तहत मेकित किया ज ा सके।।m TSA स ंयुक्त राज्य अमेरिका के परिवहन प्रणा ली ी स ुरक्षा के लिए महत ्वप ूर्ण नीति याँ विक सित करता है,, जिसमें राजमार्ग,, रेलव े,, ...
नियामक एजेंसी के तहत समेकित किया जा सके।m TSA संयुक्त राज्य अमेरिका के परिवहन प्रणाली की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण नीतियाँ विकसित करता है, जिसमें राजमार्ग, रेलवे, बस नेटवर्क, सामूहिक परिवहन प्रणाली, बंदरगाह, पाइपलाइंस और अंतरमोडल माल सुविधाएँ शामिल हैं। यह मिशन अन्य संघीय, राज्य, स्थानीय और विदेशी सरकारी भागीदारों के स...
सित करता है,, जिसमें राजमार्ग,, रेलव े,, बस नेटवर्क,, सामूहिक परिवहन प्रणली, बंदरगाह, पाइपलाइंस और अंतरमोडल माल ुसविधाएँ शामिल <ref>ह</ref>ैं। य ह मिशन अन्य संघ ीय,, राज्य,, स्थानीय और विदेशी सर कारी भागी<ref>द</ref>ारों के सथा मिलकर पूरा किया जाता है। हालां<ref>क</ref>ि, TSA का ्र मुख मशिन हवाई अड्डे की सुरक्षा और हाव...
रा किया जाता है। हालांकि, TSA का प्रमुख मिशन हवाई अड्डे की सुरक्षा और हवाई जहाज के अपहरण की रोकथाम है। यह 450 से अधिक अमेरिकी हवाई अड्डों पर यात्रियों और सामान की जांच के लिए ज़िम्मेदार है, हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग अधिकारी, विस्फोटक पता करने वाले कुत्तों के हैंडलर्स और बम विशेषज्ञों को नियुक्त करता है, और विमान में सश...
, TSA का ्र मुख मशिन हवाई अड्डे की सुरक्षा और हावई जहाज के अपहरण की रोकाम ह ै ।। यह 450 से अधिक अमे रिकी हवाई अड्डों पर या<ref>त</ref>् रियों और सामा न क जांच के लिए ज़िम्मदेा<ref>र</ref> है,, हवाई अड्डो ं पर स्क्री<ref>न</ref>िंग अधिका री, विस्फोटक पता करने वाले क ुत्तों क े हैं लडर्स औ र ब म विेषज्ञों को नियुक् त करत...
शस्त्र संघीय वायु मार्शल और संघीय फ्लाइट डेक अधिकारी तैनात करता है। प्रारंभ में परिवहन विभाग का हिस्सा रहने के बाद, TSA मार्च 2003 में DHS का हिस्सा बन गया और इसका मुख्यालय स्प्रिंगफील्ड, वर्जीनिया में स्थित है। वित्तीय वर्ष 2023 के अनुसार, TSA का बजट लगभग 970 बिलियन डॉलर था और इसने 47,000 से अधिक परिवहन सुरक्षा अधिकार...
क े हैं लडर्स औ र ब म विेषज्ञों को नियुक् त करता है, और विमन म ें सशस्त्र संघीय वाय मर्शल रऔ स ंघ ीय फ्लाइटडे धअिकारी तैनात करता है।। प ्<ref>र</ref>ारंभ मं परिवहन विभाग का हिस्सा रहने के बाद,, TSA मार्<ref>च</ref> 2003 में HDS का हिस्सा बन गया और इ सका मुख्यालय स्प्रिंग फील ् <ref>ड</ref>,, व ्रजीनिया म ें स्थि है।। <...
वायु मार्शल और अन्य सुरक्षा कर्मचारियों को नियुक्त किया था। TSA के पास यात्रियों और चेकइन तथा कैरीऑन सामान से संबंधित स्क्रीनिंग प्रक्रियाएँ और नियम हैं, जिनमें पहचान सत्यापन, पॅटडाउन, पूर्णशरीर स्कैनर और विस्फोटक जांच शामिल हैं। अपनी स्थापना के बाद से, इस एजेंसी को विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता, सामान चोरी, डेटा ...
साफ करिए: फ़ज़लिना सिद्दीक़ मलेशियाई राजनीतिज्ञ और वकील हैं।। दिसंबर 2022 से प्रधान मंत्री अनवर इब्राहिम के तहत यूनिटी सरकार प्रशासन में शिक्षा मंत्री।। वह मलेशिाई इतिहास में पलही महिला शिक्ाषमंत्री भी हैं।। राजनीति में आने से पहले फ़ज़लीना एक कार्यकर्ता और वकील थीं जो इस्लामी परिवार कानन और बाल कलय्ाण में विशेष्ञ थीं।...
फ़ज़लिना सिद्दीक़ मलेशियाई राजनीतिज्ञ और वकील हैं। दिसंबर 2022 से प्रधान मंत्री अनवर इब्राहिम के तहत यूनिटी सरकार प्रशासन में शिक्षा मंत्री। वह मलेशियाई इतिहास में पहली महिला शिक्षा मंत्री भी हैं। राजनीति में आने से पहले फ़ज़लीना एक कार्यकर्ता और वकील थीं जो इस्लामी परिवार कानून और बाल कल्याण में विशेषज्ञ थीं। उनकी अपन...
व्याकरण सुधारें: चेरियन जोसेफ,, जिन्हें पेशेवर रूप से प्रेम प्रकाश क े नाम से जान ा जात ह ै,, एक भारीय अभिनेता और फिल्म निर्ाता हैं, जो मुख्य रू प से मलयालम टेलीविजन धारावाहिकों और फिल्मों में सक्रिय हैं। वे अपने करिय में सहायक और चरित्र भूमिका ंेक लिए पहचाने ाते ैं। अब तक उन्होंने 19 मलयालम फिल्मों का निर्माण किय है, ...
चेरियन जोसेफ, जिन्हें पेशेवर रूप से प्रेम प्रकाश के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय अभिनेता और फिल्म निर्माता हैं, जो मुख्य रूप से मलयालम टेलीविजन धारावाहिकों और फिल्मों में सक्रिय हैं। वे अपने करियर में सहायक और चरित्र भूमिकाओं के लिए पहचाने जाते हैं। अब तक उन्होंने 19 मलयालम फिल्मों का निर्माण किया है, और उनके सहयोगी,...
जोस चाको पेरियाप्पुरम एक भारतीय हृदयरोग विशेषज्ञ और चिकि<ref>त</ref>्सा लेखक हैं,, जिन्हें के<ref>रल</ref> रा्य मे पंहला सफल हृदय प्रत्यारोपण करने के लि ए जाना जा<ref>त</ref>ा है।। वे भारत में पहला सफल हृदय पुनः प्रत्ारोपण करे वाले भी हैं। इसके <ref>अत</ref>िरिक्त,, उन्होंने केरल में पहली बार सक्रिय हृदय शल्य च <ref>क<...
जोस चाको पेरियाप्पुरम एक भारतीय हृदयरोग विशेषज्ञ और चिकित्सा लेखक हैं, जिन्हें केरल राज्य में पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण करने के लिए जाना जाता है। वे भारत में पहला सफल हृदय पुनः प्रत्यारोपण करने वाले भी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केरल में पहली बार सक्रिय हृदय शल्य चिकित्सा, जागरूक बायपास सर्जरी और पूर्ण धमनी पुनरुद्धा...
सक्रिय हृदय शल्य च <ref>क</ref>ित्सा,, जागरूक बयापास सर्जरी और पूर्<ref>ण</ref> धमी पुनरुद्धार क एि हैं। वे रॉयल कॉलेजऑ फ <ref>सर</ref>्जन्स ऑफ एडिनबर्ग, ग्<ref>ल</ref>ासगो और लं<ref>दन</ref> ेक फेलो हैं।। उन्हंने हार्ट केयर फाउंडेशन नामक चैरिटेबल ट्रस्ट ी स्था<ref>पन</ref>ा की है, जो आर्<ref>थ</ref>िक रूप से कमजोर हृद...
हैं। वे रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स ऑफ एडिनबर्ग, ग्लासगो और लंदन के फेलो हैं। उन्होंने हार्ट केयर फाउंडेशन नामक चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हृदय रोगियों की मदद करता है। भारत सरकार ने उन्हें 2025 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रारंभिक जीवन जोस चाको पेरियाप्पुरम का जन्म केरल के एर्नाकुल...
ref>पन</ref>ा की है, जो आर्<ref>थ</ref>िक रूप से कमजोर हृदय ोरगियों की मदद करता है ।भारत सरकार ने उन्हें 2025 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानि<ref>त</ref> किया।। ्परारंभिक जीवन जोस चाको परियाप्परम का जन्म <ref>क</ref>ेरल के एर्नाकुलम जिले के एक छोटे ागँव साथउ परावूर में हुआ था।। नके पिता <ref>प</ref>ी ए म चाको एक वनस्...
एर्नाकुलम जिले के एक छोटे गाँव साउथ परावूर में हुआ था। उनके पिता पी एम चाको एक वनस्पति वैज्ञानिक थे जिन्होंने दो वनस्पति प्रजातियों की खोज की और 1979 से 1984 तक सेंट थॉमस कॉलेज, पलई के प्रिंसिपल रहे। उनके पिता के भाई फ्र एबेल, कलाभवन के संस्थापक थे। उन्होंने अपनी मैट्रिक्युलेशन सेंट एफराम हाई स्कूल, मन्ननम से की। इसके ...
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की। इसके बाद वे सेंट थॉमस कॉलेज, पलई में गए जहाँ उन्होंने बीएससी पूरा किया। फिर वे सरकारी मेडिकल कॉलेज, कोट्टायम से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद एक वर्ष तक वरिष्ठ हाउस सर्जन के रूप में कार्य किया और फिर यूके में पोस्टग्रेजुएट प्रशिक्षण के लिए गए। उन्होंने 1986 में रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स ऑफ आयरलैंड, डबलिन से ए...
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ैंड, डबलिन से एफआरसीएस पार्ट 1 की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने आयरलैंड के कई अस्पतालों में सामान्य सर्जरी का प्रशिक्षण लिया। 1992 में वे रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स, ग्लासगो और एडिनबर्ग से एफआरसीएस हासिल करने वाले विरले हृदयरोग सर्जनों में से एक बने। उन्होंने यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ वेल्स और मैनचेस्टर रॉयल इन्फर्मरी में हृद...
र <ref>य</ref>ूके में पोस्टग्<ref>र</ref>ेजुएट प्शिक्षण <ref>क</ref>े लिए गए।। उन्होंने 1986 में रॉयल कॉलेज ऑ फ सर्न्स ऑफ आ यरलैंड,, डबलिन से एफआरसीएस पार्ट 1 की परीक्षा उत्तीर्<ref>ण</ref> की।। उन्होंने आयरलैं<ref>ड</ref> के ईक अस्पतालों में सामान्य सर्जरी का प्रशि<ref>क</ref>्षण लिय।। 1992 <ref>म</ref>ें वे रॉयल कॉेल...
फर्मरी में हृदय शल्य चिकित्सा का उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया। हृदय प्रत्यारोपण जब वे केरल लौटे, तो उन्होंने कोच्चि के मेडिकल ट्रस्ट अस्पताल में काम शुरू किया। 13 मई 2003 को, उनके नेतृत्व में पहली बार केरल में सफल हृदय प्रत्यारोपण किया गया, जिससे केरल भारत का तीसरा ऐसा राज्य बना जहाँ यह प्रक्रिया हुई। 6 मार्च 2014 को ल...
क</ref>्षण लिय।। 1992 <ref>म</ref>ें वे रॉयल कॉेलज ऑफ सर्जन्स,, ग्लासगो और एडिनबर्ग से एफआरसीएस हासिल करने वाले विरले हृदयरोग सर्जों में से एक बने। उन्होंने यनिवर्सिटी हस्पिटल <ref>ऑफ</ref> वेल्स और मैनचेस्टर रयॉ<ref>ल</ref> इन्फर्मरी में हृदय शल्य चिकित्<ref>स</ref>ा का उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया।। हृदय प्रत्यारोपण ...
स्पताल, कोच्चि में, उन्होंने भारत में पहला सफल हृदय पुनः प्रत्यारोपण किया, जो उस रोगी के लिए था जिसका पहला प्रत्यारोपित हृदय संक्रमण का शिकार हो गया था। अन्य शल्य चिकित्सा उपलब्धियां पेरियाप्पुरम ने केरल में सक्रिय हृदय शल्य चिकित्सा की शुरुआत की। वे केरल में पहली बार धमनी ग्राफ्ट का उपयोग करते हुए बायपास सर्जरी और पूर...
ा का उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया।। हृदय प्रत्यारोपण जब वे केरल लटे,, तो उन्ोहंने कोच्चि के मडिकल ट्रस्ट अस्पताल में काम शुर ू <ref>क</ref>िया।। 13 मई 2003 को, उनके नेतृत्व में पहली बार केरल में सफल हृदय प्रत्यारोपण किया गया,, जससे केरल भारत का तीसरा ऐसा राज्य बना जहाँ यह प्रक्रया हुई। 6 मार्च 2014 को लसी अस्पताल, कोच्...
मनी पुनरुद्धार करने वाले थे। उन्होंने जागरूक बायपास सर्जरी तकनीक भी शुरू की, जिससे फेफड़ों की बीमारी वाले रोगियों का ऑपरेशन संभव हुआ। हार्ट केयर फाउंडेशन पेरियाप्पुरम ने हार्ट केयर फाउंडेशन की स्थापना की, जो आर्थिक रूप से कमजोर हृदय रोगियों की सरकारी अस्पतालों में सर्जरी कराने में मदद करता है। यह फाउंडेशन हृदय रोगों के...
साफ करिए: मोहमद अत्ता अलक़यदा के लिए कए मिस्री आतंकवादी अपहरणकर्ता था।। वैारिक रूप से वह क पैनइस्लामिस् ट थे और 11 सितंबर के हमलों का मुख्य पराधी था।। उनसे अमेरिकी एयरलाइंस फ़्लाइट 11 के अपहरणकर्ापायलट के रपू में कार्य किया,, जिसे उसने मूल वरल्ड ट्रड सेंटर के उत्तरी टावर म ें क्रैशकिया,, यह एक मन्वित आत्मघाती हमलों का ...
मोहमद अत्ता अलक़ायदा के लिए एक मिस्री आतंकवादी अपहरणकर्ता था। वैचारिक रूप से वह एक पैनइस्लामिस्ट थे और 11 सितंबर के हमलों का मुख्य अपराधी था। उसने अमेरिकी एयरलाइंस फ़्लाइट 11 के अपहरणकर्तापायलट के रूप में कार्य किया, जिसे उसने मूल वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तरी टावर में क्रैश किया, यह एक समन्वित आत्मघाती हमलों का हिस्सा ...
घाती हमलों का हिस्सा था।। 33 वर्ष की आुयम ें,, वह1 9 अपहरणकर्तां में सबसे बड़ा था जिन्हंनोे इस मिशन में भाग लिया। हमलों से हले, वह एक निर्माण अभियतंा के रूप में काम करता था। मिस्र में जन्मे और पलेबढ़े अ्तता ने काहिरा विश्वविद्यालय में वास्तुकला क ी पढ़ाई की रऔ 1990 में ्सनातक की डि्गरी प्राप्त की।। इसके बाद उन्होंने जर...
सा था। 33 वर्ष की आयु में, वह 19 अपहरणकर्ताओं में सबसे बड़ा था जिन्होंने इस मिशन में भाग लिया। हमलों से पहले, वह एक निर्माण अभियंता के रूप में काम करता था। मिस्र में जन्मे और पलेबढ़े अत्ता ने काहिरा विश्वविद्यालय में वास्तुकला की पढ़ाई की और 1990 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जर्मनी के हैम्बर्ग विश...
न्होंने जर्मनी के हैम्ब्र ग विश्वविद्यालय ऑफ टेक्नोलॉजी म ं ्नातकतो्तर अध्ययन किए।। हैम्बर्ग में, अत्ता अलकुद्स मस्जिद से जुड़ा,, जहाँ उसकी मुलाक़ात मरवान अलशेही, रामज़ी बनि अलशिभ और ज़ियाद जाराह से हुई,, और न्हीं के साथ मिलकरउन्हों े हैम्ब्ग से कागठन किया।। अत्ता जर्मनी से कुछ समय क लिए लापता हो गया,, 1995 में हज पर ग...
स्नातकोत्तर अध्ययन किए। हैम्बर्ग में, अत्ता अलकुद्स मस्जिद से जुड़ा, जहाँ उसकी मुलाक़ात मरवान अलशेही, रामज़ी बिन अलशिभ और ज़ियाद जाराह से हुई, और इन्हीं के साथ मिलकर उन्होंने हैम्बर्ग सेल का गठन किया। अत्ता जर्मनी से कुछ समय के लिए लापता हो गया, 1995 में हज पर गया, और 1999 के अंत से 2000 की शुरुआत तक अफ़ग़ानिस्तान में ...
लापता हो गया,, 1995 में हज पर गया,, और 1999 के अ ंत से 2000 क ीशुरुआत त कअफग़़ानिस्तान में ओसामा बिन लादेन और अलक़ायदा के अन्य शर्ष नेताओं से भी मिला।। तअ्ता और हैम्बर्ग सेल ेक अन्य सदस्य बिन लादेन और ख़ालिद शेख़ मोहम्मद द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका में एक विमान ऑपरेशनक े लिए भर्ती किए गए थे।। अत्ता फ़रवरी 2000 मेंहैम्...
फ़ग़ानिस्तान में ओसामा बिन लादेन और अलक़ायदा के अन्य शीर्ष नेताओं से भी मिला। अत्ता और हैम्बर्ग सेल के अन्य सदस्य बिन लादेन और ख़ालिद शेख़ मोहम्मद द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका में एक विमान ऑपरेशन के लिए भर्ती किए गए थे। अत्ता फ़रवरी 2000 में हैम्बर्ग लौट आया और संयुक्त राज्य अमेरिका में विमान प्रशिक्षण के बारे में जानक...
अत्ता फ़रवरी 2000 मेंहैम्बर्ग लौट आया औ संयुक्त राज्य अमेरिका में विमान प्रशिक्षण के बार में जानकारी प्राप्त करना शुरू किया,, जहाँ वह, जाराह र अलशेही जून में पहुचे ताकि विमान उड़ाने की विधि सखी सके,ं, और नवम्बर में उन्होंने उ़ा के उपकरण संबंधी योग्यता प्राप्त की। मई 2 010 से, अत्ता ने मस पहरणकर्ताओं के आगमन में मदद की,...
करना शुरू किया, जहाँ वह, जाराह और अलशेही जून में पहुंचे ताकि विमान उड़ाने की विधि सीख सकें, और नवम्बर में उन्होंने उड़ान के उपकरण संबंधी योग्यता प्राप्त की। मई 2001 से, अत्ता ने मसल अपहरणकर्ताओं के आगमन में मदद की, जिनका कार्य यात्रियों और चालक दल को शांत करना था ताकि अपहरणकर्तापायलट विमान पर नियंत्रण प्राप्त कर सकें। ...
जिनका कार्य यत्रियों और चालक दल को शांत करन ा था ताकि अपहरणकरतापायलट विमान पर नियंत्रण प्राप्त कर सकें।। ुलाई में,, अत्ता ने बि अलशिभ से मिलने के लिए स्पेन यात्रा की,, ताकि योजना को अंतिम रूप दिया जा सके,, और फिर अगस्त में निगरानी उड़ानों पर ए क यात्री के रूप मंे यात्रा की, ताकि यह सुिश्चित किया ाज सके क हमले को किस प ...
ें। जुलाई में, अत्ता ने बिन अलशिभ से मिलने के लिए स्पेन यात्रा की, ताकि योजना को अंतिम रूप दिया जा सके, और फिर अगस्त में निगरानी उड़ानों पर एक यात्री के रूप में यात्रा की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमले को किस प्रकार सटीक रूप से अंजाम दिया जा सकता है। 11 सितंबर 2001 की सुबह, अत्ता और उसकी टीम ने अमेरिकी एयरलाइंस...