Text-to-Video
Diffusers
Safetensors
Transformers
English
Chinese
image-to-video
video-continuation
Eval Results
Instructions to use meituan-longcat/LongCat-Video with libraries, inference providers, notebooks, and local apps. Follow these links to get started.
- Libraries
- Diffusers
How to use meituan-longcat/LongCat-Video with Diffusers:
pip install -U diffusers transformers accelerate
import torch from diffusers import DiffusionPipeline # switch to "mps" for apple devices pipe = DiffusionPipeline.from_pretrained("meituan-longcat/LongCat-Video", dtype=torch.bfloat16, device_map="cuda") prompt = "Astronaut in a jungle, cold color palette, muted colors, detailed, 8k" image = pipe(prompt).images[0] - Transformers
How to use meituan-longcat/LongCat-Video with Transformers:
# Load model directly from transformers import AutoModel model = AutoModel.from_pretrained("meituan-longcat/LongCat-Video", dtype="auto") - Inference
- Notebooks
- Google Colab
- Kaggle
File size: 6,684 Bytes
48ed79c | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 | श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।**
**बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥**
**बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।**
**बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥**
#### **चौपाई (Chaupai - 40 Verses)**
**जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।**
**जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥ १ ॥**
**रामदूत अतुलित बल धामा।**
**अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥ २ ॥**
**महाबीर बिक्रम बजरंगी।**
**कुमति निवार सुमति के संगी॥ ३ ॥**
**कंचन बरन बिराज सुबेसा।**
**कानन कुंडल कुंचित केसा॥ ४ ॥**
**हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।**
**काँधे मूँज जनेऊ साजै॥ ५ ॥**
**शंकर सुवन केसरीनंदन।**
**तेज प्रताप महा जग बंदन॥ ६ ॥**
**बिद्यावान गुनी अति चातुर।**
**राम काज करिबे को आतुर॥ ७ ॥**
**प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।**
**राम लखन सीता मन बसिया॥ ८ ॥**
**सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।**
**बिकट रूप धरि लंक जरावा॥ ९ ॥**
**भीम रूप धरि असुर संहारे।**
**रामचंद्र के काज संवारे॥ १० ॥**
**लाय सजीवन लखन जियाये।**
**श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥ ११ ॥**
**रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।**
**तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥ १२ ॥**
**सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।**
**अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥ १३ ॥**
**सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।**
**नारद सारद सहित अहीसा॥ १४ ॥**
**जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।**
**कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥ १५ ॥**
**तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।**
**राम मिलाय राज पद दीन्हा॥ १६ ॥**
**तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।**
**लंकेश्वर भए सब जग जाना॥ १७ ॥**
**जुग सहस्र जोजन पर भानू।**
**लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥ १८ ॥**
**प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।**
**जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥ १९ ॥**
**दुर्गम काज जगत के जेते।**
**सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥ २० ॥**
**राम दुआरे तुम रखवारे।**
**होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥ २१ ॥**
**सब सुख लहै तुम्हारी सरना।**
**तुम रक्षक काहू को डर ना॥ २२ ॥**
**आपन तेज सम्हारो आपै।**
**तीनौं लोक हाँक तें काँपै॥ २३ ॥**
**भूत पिसाच निकट नहिं आवै।**
**महाबीर जब नाम सुनावै॥ २४ ॥**
**नासै रोग हरै सब पीरा।**
**जपत निरंतर हनुमत बीरा॥ २५ ॥**
**संकट तें हनुमान छुड़ावै।**
**मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥ २६ ॥**
**सब पर राम तपस्वी राजा।**
**तिन के काज सकल तुम साजा॥ २७ ॥**
**और मनोरथ जो कोई लावै।**
**सोई अमित जीवन फल पावै॥ २८ ॥**
**चारों जुग परताप तुम्हारा।**
**है परसिद्ध जगत उजियारा॥ २९ ॥**
**साधु संत के तुम रखवारे।**
**असुर निकंदन राम दुलारे॥ ३० ॥**
**अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।**
**अस बर दीन जानकी माता॥ ३१ ॥**
**राम रसायन तुम्हरे पासा।**
**सदा रहो रघुपति के दासा॥ ३२ ॥**
**तुम्हरे भजन राम को पावै।**
**जनम जनम के दुख बिसरावै॥ ३३ ॥**
**अन्त काल रघुबर पुर जाई।**
**जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥ ३४ ॥**
**और देवता चित्त न धरई।**
**हनुमत सेई सर्ब सुख करई॥ ३५ ॥**
**संकट कटै मिटै सब पीरा।**
**जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥ ३६ ॥**
**जै जै जै हनुमान गोसाईं।**
**कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥ ३७ ॥**
**जो शत बार पाठ कर कोई।**
**छूटहि बंदि महा सुख होई॥ ३८ ॥**
**जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।**
**होय सिद्धि साखी गौरीसा॥ ३९ ॥**
**तुलसीदास सदा हरि चेरा।**
**कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥ ४० ॥**
#### **दोहा (Doha - Closing Prayer)**
**पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।**
**राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥** |